उज्जैन | तराना नगर में श्रावण मास के पवित्र मास में नित्य प्रतिदिन तिलभांडेश्वर, मंगलनाथ,शिव मंदिर,मनकामनेश्वर महादेव मंदिर ,सहित अन्य शिवालयों में भक्तों का दर्शन हेतु तांता लगा हुआ है वहीँ तराना के नानां महाराज गुरु मंदिर स्थित मार्त्तन्डेश्वर महादेव का नानां मंडली तराना द्वारा नित्य प्रतिदिन विधिविधान के रुद्राभिषेक एवं पूजन किया जा रहा है पंडित पंकज दूबे द्वारा जानकारी देते बताया गया कि नानां मंडली द्वारा प्रतिवर्ष श्रावण माह में अभिषेक पूजन किया जाता है इसी तरह हर तीसरे साल 33 दिनों का एक अलग अतिरिक्त महीना उत्पन्न होता है जिसे अधिकमास के रूप में जाना जाता है और इसके परिणामस्वरूप 2023 में सावन भगवान शिव की पूजा करने के लिए भोले के भक्तों को 30 की बजाय 59 दिन मिलेंगे इसके अलावा सावन में पड़ने वाले सावन सोमवार व्रतो की संख्या 8 होगी
श्रावण मास वर्षा ऋतु का महीना है। इसी माह में श्रावण सोमवार, मंगला गौरी व्रत, हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नागपंचमी, रक्षाबंधन आदि खास त्योहार आते हैं। पौराणिक जानकारी के अनुसार इसी माह में समुद्र मंथन भी हुआ था जिससे निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में समाहित कर सृष्टि की रक्षा की थी।जब शिव का कंठ विष के प्रभाव नीला पड़ गया तब इस विष के प्रभाव को कम करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया था। इसीलिए श्रावण माह में भोलेनाथ को जल चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।