चित्तौडगढ। गायत्री परिवार चितौड़गढ़ द्वारा जिला कारागार में विश्व कल्याण हेतु यज्ञ एवं व्यसन मुक्ति हेतु प्रेरित किया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार के द्वारा सोमवती अमावस्या पर जेल मे यज्ञ एवं साहित्य ज्ञान मंदिर की स्थापना की गई नशा समाज को खोखला बना रहा है। युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में तेजी से आ रही है। जिस युवा पर देश की बागडोर है अगर वे नशे की बुरी लत के शिकार हो रहे हैं तो इससे आदेश का भविष्य भी बर्बाद हो रहा है, इससे निजात दिलाने के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से व्यसन मुक्त पूरे देश में चलाई जा रही है। जिला कारागार में केदियों को व्यसन मुक्ति हेतु यज्ञ एवं प्रवचन के माध्यम से नशा मुक्ति हेतु प्रेरित किया गया। जिसमे राकेश पिता मांगीलाल ढाका जोधपुर, सुरेश पिता मोहनराम बिश्नोई पादूरु, बंशीलाल पिता दुलीचंद धाकड़ बेगूं, सुरेश पिता कालूराम बिश्नोई द्वारा नशा छोड़ने का संकल्प लिया गया। इस मोके पर जेल अधीक्षक योगेश तेली, जेलर अशोक पारिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के साथ ही कृष्णा बेरवा द्वारा ज्ञान मंदिर की स्थापना की गई जिसमे अलमारी सहित परम पूज्य गुरुदेव का युग निर्माण साहित्य रखा गया। महिला बंदियों के बच्चों को खिलौने वितरित किए गए एवं व्यसन मुक्ति अभियान के अंतर्गत युवा पीढ़ी सहित सभी आयु वर्ग के लोगों के बीच यज्ञ, प्रवचन आदि के माध्यमों से व्यसन मुक्ति के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग युक्त-व्यसन मुक्त भारत बनाने की दिशा में काम करना है।
इस कार्यक्रम का संचालन बद्रीलाल माली, प्रवचन कृष्ण बैरवा, चन्दा जैन, उपस्थित रहे।