नीमच। जिले के खोर स्थित सीमेंट फैक्ट्री में 62 हजार क्विंटल से अधिक अवैध मादक पदार्थ नष्ट किया गया। यह कार्रवाई सोमवार को आईजी, डीआईजी और एसपी रैंक के अफसरों की मौजूदगी में पूरी की गई।
प्राप्त जानकारी 70 वाहनों में लोड कर 62 हजार क्विंटल से अधिक डोडाचूरा, अफीम, गांजा स्मैक, ब्राउन शुगर, हेरोइन, चरस, कोडीन, एमडीएमए और अल्फाझोलम खोर स्थित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री लााया गया। इन अवैध मादक पदार्थों का बाजार मूल्य करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक का बताया जा रहा है। सोमवार को 200 पुलिसकर्मियों के साथ आईजी, डीआईजी और एसपी रैंक के अफसरों की विशेष निगरानीमें सोमवार सुबह 11 बजे ड्रग को खाक करने की प्रक्रिया शुरू हुई। यह वह ड्रग्स है जो बीते 15 सालों में प्रदेश के विभिन्न थाना पुलिस ने जब्त कर मालखाने में जमा किए थे।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के नीमच जिले में बड़ी मात्रा में अफीम की खेती होती है। इसके चलते यहां से अवैध डोडाचूरा की सप्लाई भी होती है। जिसे जांच के दौरान पुलिस जब्त करती है। जब तक इसका मामला कोर्ट में चलता है ये अवैध मादक पदार्थ मालखाने में जमा रहता है। इसके बाद इन्हें नीमच लाया जाता है। जहां तय प्रावधानों के तहत नीमच में ही नष्ट किया जाता है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग नष्ट किया गया। 17 जुलाई को 575 प्रकरणों में जब्त किए गए 62 हजार क्विंटल से अधिक डोडाचूरा, अफीम, गांजा स्मेक, ब्राउन शुगर, हेरोइन, चरस, कोडीन, एमडीएम और अल्फाझोलम को नष्ट कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरी हुई प्रक्रिया-
नीमच जिले की जावद तहसील के अंतर्गत आने वाली विक्रम सीमेंट फैक्ट्री में सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अवैध मादक पदार्थों के नष्टीकरण की कार्रवाई पूरी हुई। करीब 200 से अधिक पुलिस के अधिकारी कर्मचारी इस पूरे काम में लगे रहे। यह पूरी प्रक्रिया उज्जैन रेंज के आईजी संतोष कुमार के निर्देशन में की गई। इसके लिए 1 आईजी, 4 डीआईजी, 12 एसपी के साथ पुलिस निरीक्षक, उपनिरीक्षक और 200 पुलिसकर्मी शामिल रहे।
रतलाम रेंज डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि समाज को नशे से मुक्त कराने के उद्देश्य से 75 दिन का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत नीमच की खोर सीमेंट फैक्ट्री में अब तक जब्त किए ड्रग्स का नष्टीकरण 17 जुलाई को किया गया। यह प्रक्रिया सुबह 11 बजे से प्रारंभ हुई थी जो देर रात तक चली। नष्टीकरण की प्रक्रिया में 1 आईजी, 4 डीआईजी, 12 एसपी, लेवल के अधिकारियों सहित 200 की संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। मादक पदार्थ के नष्टीकरण की प्रक्रिया की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाकर वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई गई है।