चित्तौड़गढ़। जिले में 1 जुलाई से प्रारंभ होने वाले वार्षिक भेड़ निष्क्रमण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निष्क्रमण को सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दिनेश धाकड़ की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पशुपालन, पुलिस, वन, रसद, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी भेड़ निष्क्रमण का संचालन व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से किया जाए।
जिला संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. सुमेर सिंह रावत ने बताया कि जिले में भेड़ निष्क्रमण सामान्यतः 1 जुलाई से शुरू होकर लगभग चार माह तक चलता है। गत वर्ष जिले में 1 लाख 12 हजार 253 भेड़ों का निष्क्रमण हुआ था, जबकि इस वर्ष करीब 1 लाख 15 हजार भेड़ों के आने की संभावना है।
सहायक नोडल अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया कि भेड़ पालकों की सुविधा तथा पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन ने निष्क्रमण अवधि के दौरान राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
बैठक में पशुपालन विभाग को भेड़ों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभिन्न विभागों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने को कहा गया।
बैठक में पुलिस विभाग से अंजली सिंह, रसद विभाग से हितेश जोशी, वन विभाग से हेमंत गौतम, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. ताराचंद गुप्ता तथा प्रारंभिक शिक्षा विभाग से राजेंद्र शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।