नीमच। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने और घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में जिले में ‘जीवन संजीवनी अभियान’ शुरू किया गया है। अभियान के तहत सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को थाना नीमच कैंट क्षेत्र के रेड हॉटस्पॉट डुंगलावदा पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक व्यास ने बताया कि जिले में चिन्हित 22 सड़क दुर्घटना हॉटस्पॉट पर आसपास के 50-50 लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता मिल सके और उसकी जान बचाई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सतीश चौधरी एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों को दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सीपीआर देने, रक्तस्राव रोकने और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने का लाइव डेमो देकर प्रशिक्षण प्रदान किया।
अभियान में क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी शुरू की गई है। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर ‘सड़क सुरक्षा मित्र’ बन सकते हैं। अब तक जिले में लगभग 400 लोग इस पहल से जुड़ चुके हैं और सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान, थाना प्रभारी नीमच कैंट सौरभ शर्मा, यातायात प्रभारी सूबेदार सोनू बड़गुजर, डीएमआर पुष्पेंद्र कारपेंटर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
नीमच पुलिस ने जिलेवासियों से ‘जीवन संजीवनी अभियान’ से जुड़ने और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद कर मानव जीवन बचाने के इस प्रयास को सफल बनाने की अपील की है।