कटनी। मंगलवार की जनसुनवाई में पीड़ित मां सावरकर वार्ड खिरहनी निवासी विमला चौधरी अपनी दो विकलांग नाबालिक बालिका जया, मानसी को लेकर कलेक्टर अवि प्रसाद के पास पहुंची जानकारी के अभाव में दोनों नाबालिक बच्ची के साथ वापस घर जाने लगी इस दौरान वहा मौजूद पत्रकार को जैसे ही इस बात की जानकारी लगी की दो नाबालिक विकलांग बालिका कलेक्टर अविप्रसाद से मिलने आई थी और उन्हें बताया गया कि कलेक्टर कटनी यहां मौजूद नहीं है तो वह वापस जाने लगी तभी पत्रकारों ने उन्हें बताया कलेक्टर मौजूद है और आप उनसे मिलकर जाएं इस दौरान पीडीता मां अपनी बालिका को लेकर कलेक्टर के चेंबर में तकरीबन 1 घंटा इंतजार में बैठी रही की कलेक्टर उन्हें जल्द बुलवाएगे लेकिन चुनावी प्रशासनिक कार्य में कलेक्टर ने तकरीबन 1 घंटे बालिकाओं को इंतजार करवाया और अपने कार्य में व्यस्त रहे वैसे तो कटनी कलेक्टर हमेशा से सोशल मीडिया की सुर्खियों में रहे हैं और पीड़ितों की मदद करते हुए नजर आए हैं लेकिन इस घटना से यह समझ में आ रहा है कि यह सिर्फ वावाही लेने के चक्कर में सोशल मीडिया पर अपनी सुर्खियां बटोरते हैं। इस दोरान पीड़िता मां ने बताया की दोनो बालिकाओं की हड्डियों में कोई रोग होने की पुष्टि नागपुर के डाक्टर ने की है जिससे हड्डियों का गलाओ हो रहा है और इलाज में बीस लाख का खर्च बताया गया पीड़ित मां की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से बालिकाओं का इलाज करने से वंचित हो रही है पीड़िता के पास गरीबी रेखा का कार्ड होने के बावजूद बालिकाओ के इलाज के लिए वह दर दर भटक रही है पीड़िता ने यहां तक की स्थानीय विधायक के दर पर भी इलाज के लिए गुहार लगाई और चार बार जनसुनवाई में पीड़िता शिकायत लेकर पहुंची लेकिन उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया आर्थिक स्थिति सही नहीं होने की वजह से कटनी कलेक्टर से मदद की मांग करने के लिए मंगलवार को चोथी बार जनसुनाई में पहुंची। हालांकि पीड़िता ने कहा है कि कलेक्टर अविप्रसाद ने इलाज का भरोसा दिलाया है।