रामपुरा। नीमच जिले की तहसील रामपुरा क्षेत्र के ग्राम खिमला ब्लॉक एमपी 30 गांधीसागर स्ट्रीम पम्पेड स्टोरेज 1440 मेगावाट परियोजना के तहत आ रहा है। इस परियोजना का कार्य हैदराबाद की प्रायवेट लिमिटेड ग्रीनको कंपनी के द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना में कुल 402.50 भूमि की आवश्यकता है जिसमे से 71.96 हेक्टर निजी भूमि , 28.58 हेक्टर सरकारी भूमि तथा 301.36 हेक्टर वन भूमि का उपयोग होगा। परियोजना की शुरुआत में कम्पनी के अधिकारी व जिले के आला अधिकारीयों क्षेत्र विधायक के साथ जन प्रतिनिधि तथा ग्राम व आस-पास के ग्रामीणों के लोगो को मंच से कहा था की निजी भूमि ग्राम खिमला ब्लॉक, तहसील रामपुरा, जिला नीमच राजस्व में आती है। खरीद के लिए प्रस्तावित निजी भूमि कुल 138 भूमि मालिको की है। परियोजना से कोई भी परिवार विस्थापित नही होगा। लगभग इस परियोजना को तीन साल होने को है जहा 28.58 हेक्टर सरकारी भूमि की जरूरत थी वहा पर वर्तमान मे कम्पनी के द्वारा छल कपट कर 79.98 हेक्टर सरकारी भूमि ले ली गई है। सबसे ताज्जुब की बात यह है की जिन किसानो ने आपत्ति लगाई थी उनकी आपत्ति निरस्त कर दी गई। अगर हम कुल सरकारी जमीन की बात करे तो लगभग 150 हेक्टर से ज्यादा इस गांव मे सरकारी भूमि है।इसमे से कम्पन्नी द्वारा 28.58 हेक्टर सरकारी भूमि की मांग की गई थी लेकिन कम्पनी के द्वारा120 हैक्टर सरकारी भूमि जिसमे खाद, गड्डे, कब्रस्थान, खेल का मैदान, खलियान, रास्ता, एवं भविष्य में आबादी क्षेत्र को परिवर्तन कर प्रायवेट लिमिटेड ग्रीनको कंपनी को दे दी गई है। जो कही न कही तहसील रामपुरा क्षेत्र के ग्राम खिमला ब्लॉक के रहवासियों के साथ छल किया गया क्योकि वहा के रहवासियों का मुख्य व्यवसाय पशु पालन है। अब पूरी सरकारी भूमि ही ग्रीनको कंपनी को दे दी है तो आने वाले समय में कही न कही ग्राम खिमला ब्लॉक के रहवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जब की परियोजना की शुरुआत में कम्पनी के अधिकारी व जिले के आला अधिकारीयों क्षेत्र विधायक के साथ जन प्रतिनिधि तथा ग्राम व आस-पास के ग्रामीणों के लोगो को मंच से कहा था की परियोजना से कोई भी परिवार विस्थापित नही होगा। परन्तु रहवासियों का मुख्य व्यवसाय पशु पालन है और पशुओ के चरने की जगह ही नही रहेगी तो मजबूरन लोगो को व्यवसाय के लिए पलायन के सिवाए कोई रास्ता नही रहेगा।