नीमच। शहर में पोस्ट ऑफिस के अल्प बचत अभिकर्ताओं ने पिछले 12 वर्षों से भारत सरकार की उपेक्षाओं से दुखी होकर आज जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय अल्प बचत अभिकर्ता संघ के तले तहसीलदार कविता कड़ेला को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सन 1960 में बनाए गए एजेंसी सिस्टम में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। सन 1972 में बनाए गए नियम के तहत आज भी महिला प्रधान अभिकर्ता धन निवेश कराने को बाध्य है। जो कि डिजिटल परिवेश में व्यवहारिक नहीं है। उन्हीं नियमों के अनुपालन को लेकर डाकघर के कर्मचारी अभिकर्ताओं का उत्पीड़न और शोषण कर रहे हैं। सुकन्या समृद्धि योजना व महिला सम्मान बचत योजना से अभिकर्ताओं को सम्बद्ध नहीं किया गया है। श्यामला गोपीनाथ कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एजेंट का कमीशन 1 प्रतिशत से घटाकर आधा प्रतिशत कर दिया गया और कुछ योजनाओं में शून्य कर दिया गया।जो कि सरासर अन्याय है। देश में जनप्रतिनिधियों द्वारा पोस्ट ऑफिस के अभिकर्ताओं की समस्याओं से अवगत होने के बावजूद निराकरण के लिए गंभीरता से नहीं लिया गया। ज्ञापन में इस प्रकार की 9 सूत्रीय मांगे रख निराकरण के लिए सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया। यहां बताते चलें कि देशभर में पोस्ट ऑफिस के 5 लाख अभिकर्ता है, जिससे उनके परिवार के 50 लाख लोगों का लालन-पालन होता है। 280 जिलों में आज ज्ञापन सौंपा गया। मांगे नहीं माने जाने पर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान भी किया गया।