बुरहानपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र बुरहानपुर की 26वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आज संपन्न हुई। सभी विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र मिलकर कृषि क्षेत्र में काम करेगें तो किसानों की आय निश्चित ही दुगुनी होगी। किसान यदि नवीनतम तकनीकी से खेती करें, तो उनकी उपज भी अवश्य बढे़गी। कृषि क्षेत्र मंे आगे बढ़ने के लिये जिले में अपार सम्भावनाएं है। किसानों को नई-नई तकनीक बताई जाये तथा कृषि विविधीकरण की ओर बढ़ा जा सकता है। डॉ संदीप कुमार सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख केवीके बुरहानपुर द्वारा छः माह की रबी अक्टूबर 2022 से जून 2023 तक का प्रगति प्रतिवेदन एवं खरीफ जुलाई 2023 से सितम्बर 2023 की कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतिकरण के उपरांत सदस्यों द्वारा सुझाव प्रस्तुत किये गये। डॉ ए.ए.राउत वैज्ञानिक कृषि तकनीकी अनुसंधान अनुप्रयोग संस्थान, जबलपुर ने कहा कि जिले मंे नई तकनीकियों का समावेश किसानों के प्रक्षेत्र पर करें जिससे कि किसानों की आय मे वृद्धि हो। बैठक में जिले में पशुपालन को बढ़ावा देने, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन एवं मोटे अनाज के प्रशिक्षण देने, ज्वार की खेती, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, गेंहूँ और चने का बीज उत्पादन करने, खाद प्रसंस्करण संबंधी प्रशिक्षण देने, मशरूम की खेती हेतु प्रशिक्षण देने सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर सोशल नेशनल मिशन अध्यक्ष हमीद काजी, डीन कृषि महाविघालय खण्डवा डॉ आर.आई सिसोदिया, कार्यक्रम अधिकारी आकाशवाणी खण्डवा राजेश, उप संचालक कृषि मनोहर सिंह देवके, उप संचालक उद्यानिकी बीएस चौहान, उन्नतशील कृषक सुभाष दामू पाटिल, गुलई, संजय चौकसे लालबाग, भास्कर महाजन, सुभाष सतारकर, शेखापुर, उषा उदलकर, शाहपुर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक भूपेन्द्र सिंह, कार्तिकेय सिंह, मोनिका जायसवाल, मेघा विभूते, अमोल देषमुख, राहुल सतारकर, संदीप राठौड, मोहम्मद तौहीद, सैय्यद नावेद एवं आफरीन सैय्यद उपस्थित रहे।