छतरपुर। प्रदेश सरकार किसानों के हालत सुधारने के लाख दावे करे लेकिन जमीनी स्तर पर किसान लगातार ठगी का शिकार हो रहे हैं। ताजा मामला छतरपुर जिला के बिजावर की मऊखेरा सेवा सहकारी समिति में किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है जहां बैक शाखा प्रबंधक और समिति प्रबंधक की मिली भगत से मुख्यमंत्री ब्याज माफी की राशि में हेरा फेरी करने के उद्देश्य से फर्जी लिस्ट तैयार कर किसानों से अधिक राशि बसूलने की तैयारी कर सरकार की योजना को पलीता लगाने की तैयारी की लेकिन किसानों के जगरूक होने कारण यह मामला जिला कलेक्टर और एसडीएम बिजावर के संज्ञान में आया किसानों की शिकायत है कि जितना ऋण लिया गया समिति प्रबंधक द्वारा फर्जी सूची तैयार कर सरकार से अधिक राशी ली गई है वहीं किसानों को ऋण माफी के जो प्रमाण पत्र वितरित किए गए थे उनमें राशि का उल्लेख ना होने से संशय की स्थिति बनी हुई है। जब इस मामले में शाखा प्रबंधक से मीडिया ने सवाल किया तो उनका कहना था ऐसे कोई प्रमाण पत्र वितरित नहीं किए गए जबकि किसानों द्वारा सोशल मीडिया पर वही प्रमाण पत्र वायरल किए गए हैं द्य बौखलाए किसानों ने संबधित दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जाँच की मांग की है। वहीं एसडीएम राकेश शुक्ला ने फर्जी सूची के साथ अन्य अनियमितताओं के आधार पर प्रतिवेदन बनाकर जिला कलेक्टर एवं जिला पंजीयक सहकारी समिति को भेज दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि किसानों के हित की बात करने वाली प्रदेश सरकार क्या कार्यवाही करती है या अन्य मामलो की तरह यह मामला भी कागजों में ही दफन हो जायेगा।