नीमच। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के दिशा-निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीमच श्री सुशांत हुद्दार के मार्गदर्शन में दिनांक 25/07/23 को पैरालीगल वालेटियर्स हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ए.डी.आर सेंटर भवन नीमच में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत हुद्दार द्वारा मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया । इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पैरालीगल वालेन्टियर्स की समाज में भूमिका एवं महत्व को स्पष्ट करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का अधिक से अधिक लाभ लेकर, अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को लाभ पहुंचाने हेतु अपील की। इस अवसर पर न्यायाधीशगण एवं पैरालीगल वालेटियर्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विजय कुमार सोनकर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपरोक्त आयोजित 01 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूप रेखा संबंधी जानकारी प्रदान की, साथ ही पैरालीगल वालेंटियर्स का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाएं - निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह योजना, मध्यस्थता, विभिन्न लोक अदालत, विधिक साक्षारता शिविर, लिगल एड क्लिीनिक, प्राधिकरण की योजनाएं निशुल्क विधिक सलाह, म.प्र. अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना एवं नालसा की अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना। संध्या मरावी (मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट) द्वारा महिलाओं के लिए भरण-पोषण संबंधी कानून, वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम, अपराध विधि गिरफ्तारी, जमानत अभियुक्त के अधिकार। पुष्पा तिलगाम (द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड नीमच) महिलाओं संबंधी कानून घरेलू हिंसा से महिलाओं का सरंक्षण अधिनियम 2005, 138 छप्ए।बज की जानकारी से नव-चयनित पैरालीगल वालेटियर्स को अवगत कराया।
इसी अनुर्क्रम में अरविन्द दरिया (द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश) द्वारा एन.डी.पी.एस. एक्ट के संबंध में महत्वपूर्ण प्रावधानों से उपस्थित पैरालीगल वालेटियर्स को अवगत कराया। चंचल बाहेती (शासकीय अधिवक्ता) द्वारा संविधान की प्रस्तावना, संविधान में प्रदत्त मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्य विषय पर अपने विचार पैरालीगल वालेटियर्स के साथ साझा किये।
सुशांत हुद्दार (अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय) द्वारा लैगिंक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनिमय विषय पर प्रकाश डाला एवं विभिन्न योजनाओं संबंधी जानकारी पैरालीगल वॉलेटियर्स द्वारा आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका होना व्यक्त किया। डॉ रेखा मरकाम (प्रधान मजिस्टेट किशोर न्याय बोर्ड) किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम, किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति के उद्देश्य विषय पर उपस्थित पैरालीगल वालेटियर्स को जानकारी दि।
हर्षित बिसेन (जिला विधिक सहायता अधिकारी) पैरालीगल वालेटियर्स उद्देश्य एवं कार्य, बेसिक कम्यूनिकेशन, ऑबजर्वेशन एवं ड्ाफटिंग स्किल्स, सर्वेच्च न्यायालय द्वारा समय समय पर दिये दिशा निर्देशों में पैरालीगल वालेटियर्स का योगदान कार्य एवं प्रक्रिया विषय पर उपस्थित पैरालीगल वालेटियर्स को विस्तृत एवं सरल शब्दों में स्किल्स के बारे में बतलाया कार्यक्रम के अंत में फीडबेक लिया गया एवं पैरालीगल वालेंटियर्स का आभार प्रकट किया। उपरोक्त एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 40 से अधिक पैरालीगल वालेंटियर्स सम्मिलित रहे, साथ ही समय-समय पर चाय-बिस्किट, नास्ता एवं दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी की गई ।