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July 28, 2023, 7:10 pm
KHABAR : सत्संग की संगत बिना मानव जीवन का सर्वांगीण विकास नहीं होता है, चातुर्मास धर्मसभा में स्वामी सत्यानंद सरस्वती महाराज ने कहा, पढ़े खबर 

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नीमच। सत्संग से मनुष्य का मन पवित्र होता है। पवित्र मन से शुद्ध विचार आते हैं। शुद्ध विचार से व्यक्तित्व का विकास होता है। सत्संग की संगत से मनुष्य में विवेक उत्पन्न होता है। और विवेक से ही मानव जीवन सफल होता है। सत्संग की संगत बिना मानव जीवन का सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता है यह बात स्वामी सत्यानंद सरस्वती महाराज ने कही वह ग्वालटोली श्री राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित चातुर्मास धर्म सभा में बोल रहे थे। 
उन्होंने कहा कि आत्मा को पवित्र करने के लिए सत्संग आवश्यक होता है ।सत्संग का ध्यान मन का स्नान होता है। आधुनिक युग में मनुष्य धन कमाने की आपाधापी में रात दिन दौड़ता है लेकिन उसे मरने का भी समय नहीं है। ऐसे में सत्संग मनुष्य को शांति और तनाव से मुक्ति देता है।क्योंकि यदि व्यक्ति का मन बीमार है तो उसका शरीर भी बीमार रहता है और मन पवित्र है तो शरीर भी स्वस्थ रहता है। मनुष्य सत्संग में भाग लेकर संत पर नहीं अपने आप पर कृपा करता है। सत्संग का ज्ञान के विकारों को मिटाता है जीवन में विवाद बार-बार होते हैं और सत्संग में भी बार-बार जाने पर जीवन के विवादों का समाधान होता है। लोभ से मनुष्य का जीवन बिगड़ जाता है सत्संग उसे सुधार देता है। मानव जीवन ईश्वर का उधार दिया हुआ है हम इस शरीर कोघ् पाप कर्म कर उसे गंदा कर रहे हैं। व्यापार काम धंधे मजदूरी से समय निकालकर सत्संग परमार्थ और पुण्य के लिए भी समय लगाना चाहिए तभी जीवन का कल्याण हो सकता है मानव शरीर में जन्म लेने के लिए तो देवता भी तरसते हैं लेकिन हम मनुष्य जन्म का महत्व समझ नहीं पा रहे हैं चिंतन का विषय है।सत्संग में जो कड़वे बोल होते हैं वह मनुष्य के जीवन को सुधारते हैं जिस प्रकार करेला कड़वा होता है लेकिन वह मधुमेह जैसे रोग को ठीक कर देता है।संत कड़क होते हैं लेकिन वह जीवन को सुधारने वाले होते हैं। श्री राम ने गुरु वशिष्ठ की आज्ञा मान कर लंका युद्ध पर विजय प्राप्त की।  क्रोध और लोभ के त्याग बिना जीवन का कल्याण नहीं होता है । पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष उमराव सिंह गुर्जर, ग्वाला समाज के धन्नालाल पटेल,श्यामलाल चौधरी,सत्संग समारोह के मुख्य संकल्प कर्ता पप्पू हलवाई,श्री मदभागवत उत्सव समिति के गोपाल हलवाई,अशोक सुराह,सुनील मंगवानी,अभय जैन,विनोद ग्वाला,गुड्डा हलवाई सहित अनेक गणमान्य,धर्म प्रेमी जन उपस्थित थे। सभा का संचालन समिति सदस्य हरगोविंद दीवान ने किया।महा आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।

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