मनासा। परशुराम सेन सकल ब्राम्हण समाज मनासा द्वारा, प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी हर्षोउल्लास और धूम धाम के साथ अपने आराध्य देव भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मनाया गया। परशुराम सेना मनासा के पदाधिकारियों द्वारा आयोजन की तैयारियां विगत कई दिनों से की जा रही थी, कार्यक्रम में तय समय अनुसार, करीब 3 बजे राजराजेश्वर भगवान परशुराम की, तस्वीर एवं मूर्ति का पूजन अर्चन प्रारम्भ कर दिया गया, समाज के वरिष्ठ जनो द्वारा पूजन किया गया, पूजा का कार्य पंडित मुनींद्र शास्त्री, नूतन द्विवेदी, पप्पू गुरु, मनोज पुरोहित द्वारा करवाया गया। पूजन के पश्च्यात भगवान राजराजेश्वर परशुराम की झांकी सजाई गयी गयी, और करीब 4 बजे ढोल एवं बेंड बाजो के साथ, चल समारोह ब्रमपुरी धर्मशाला से प्रारम्भ हुवा, जो अल्हेड़ दरवाजा, चौपड़ गट्टा चौराहा, गाँधी चौक, बद्रीनारायण मंदिर, मुरली मंदिर, इमली बाघ, जुनसाथ होते हुवे पुनः करीब 6.30 पर धर्मशाला पहुंचा। जहां भगवान परशुराम की महाआरती संम्पन हुई।
10वीं एवं 12वीं के मेघावी छात्रों को किया सम्मानित-
इस वर्ष के आयोजन में, परशुराम सेना मनासा द्वारा एक नयी परम्परा की शुरुवात की गयी, जिसमे मनासा तहसील के वे तमाम छात्र और छात्राए जो 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं तो उन्हें समाज के द्वारा प्रति वर्ष परशुराम जन्म उत्सव कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष के आयोजन में, समाज द्वारा 10वीं में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र पियूष शर्मा, मोहित पुरोहित एवं छात्राए पायल शर्मा, अवनी मोड़, दीक्षित शर्मा, को एवं 12वीं में 80 प्रतिशत प्राप्त करने वाले छात्र अभय तिवारी, दीक्षांत शर्मा, मिथलेश मोड़, यश नागदा, जतिन नागदा एवं छात्राओं में प्रिय शर्मा, अनुष्का तिवारी, पायल नागदा को शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पुरुषो एवं महिलाओ की वेश भूषा रही आकर्षण का केंद्र-
आयोजन के दोरान जहां एक और महिलाए एक ही रंग की साड़ी में नजर आयी तो वहीं, पुरुष भी सफ़ेद कुर्ता, पाजामे में नजर आये, साथ ही सभी पुरुष वर्ग ने सिर पर साफे बांध रखे थे जो काफी आकर्षक नजर आ रहे थे, वहीं चल समारोह के दौरान वेश भूषा को लेकर समाज अनुशासित नजर आया, क्यों की परशुराम सेना की कार्यकरणी द्वारा, इस बात की अपील आयोजन के निमंत्रण पत्र में भी की थी।
समाज के वरिष्ठ जन एवं भामाशाह का किया सम्मान-
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजन एवं समाज को समय समय पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को को संम्पन्न करने के लिए, मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग करने वाले समाज के भामाशाहो का स्वागत परशुराम सेना मनासा की कार्यकारणी द्वारा किया गया। स्वागत एवं सम्मान के बाद कार्यक्रम में पधारे सभी विप्र जनो का स्वागत परशुराम सेना मनासा के अध्यक्ष मोहित जोशी ने स्वागत भाषण देकर किया। वहीं समाज के वरिष्ठ जनो एवं भामाशाहो ने समाज हित में अपने अपने विचार व्यक्त किये, जिसमे समाज के वरिष्ठ डॉक्टर रमेश जोशी, ने कहा कि समाज को संगठित होकर रहना अनिवार्य हैं वहीं पंडित मांगीलाल व्यास ने कहा कि हमारी नयी पीढ़ी को हमारी संस्कृति और कर्म की पहचान होना चाहिए, वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील यजुर्वेदी ने कहा कि समाज के बच्चो को प्रोत्साहित करने के लिए, इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए, वहीं नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय तिवारी ने कहा कि समाज हित में किये गये कार्य सराहनीय हैं और हमें समाज के लोगो को आगे बढ़ाना होगा एक दूजे की मदद करनी होगी, तभी समाज विकसित होगा, वहीं अधिवक्ता एवं समाज सेवी गिरीश भट्ट ने कहा कि इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए, सम्मान समारोह में मनोज पुरोहित, एवं समाज के वरिष्ठ जन, शिवप्रसाद नागदा, मदनलाल उपाध्याय, चंद्रशेखर पालीवाल, ओमप्रकाश पुरोहित आदि का सम्मान किया गया।
चल समारोह का हुवा जगह गजह भव्य स्वागत-
भगवान परशुराम के जन्म उत्सव पर, निकलने वाले चल समारोह का नगर में हुवा भव्य स्वागत, वहीं चल समारोह के दौरान भजनो एवं ढोल की थाप पर ब्राम्हण समाज जन खूब थिरके, और नारो से गूंज उठा शहर, जब जब ब्राम्हण बोला है राज सिंहासन डोला हे, राज राजेश्वर भगवान परशुराम की जय जय कार के खूब नारे लगे।
महिलाओ ने दिया शत प्रतिशत मतदान का सन्देश-
भगवान परशुराम जन्म उत्सव आयोजन के दौरान ब्राम्हण समाज की महिला मंडल द्वारा आगामी 13 मई को अधिक से अधिक मतदान करने के लिए समाज को जाग्रत किया, और हाथों में फ्लेक्स लेकर 13 मई को मतदान करने की अपील समाज जनो से की।
वहीं कार्यक्रम के अंत में सभी समाज जनो का स्नेह भोज कार्यक्रम संम्पन्न हुआ। वहीं कार्यक्रम का सफल संचालन राजीव नागदा द्वारा किया गया, एवं कार्यक्रम की व्यवस्था निलनिरंजन शर्मा, मंगल नागदा, प्रवीण भट्ट, डॉ दशरथ नागदा, महेश भट्ट, योगेश पानेरी, शिवकरण नागदा, आदि के द्वारा की गयी। वहीं कार्यक्रम में आये सभी अतिथियों का आभार परशुराम सेना मनासा के कैलाश जोशी द्वारा व्यक्त किया गया।