चित्तौड़गढ़। शहर के किला रोड क्षेत्र के निवासी भंवर पूरी गोस्वामी ने अपना शरीर दान करने का वसीयत पत्र 2016 में ही भर रखा था। शुक्रवार को 87 वर्षीय भंवर पूरी के निधन के पश्चात स्वजनो ने उनके पार्थिव शरीर को विदा कर मेडिकल कालेज को सौंपी। परिवारजनो ने अंतिम यात्रा की रस्म अदा की। भंवर पूरी शिक्षा विभाग में ऑफिस सुपरीटेंडेंट सरकारी अध्यापक रहे है। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित रहे व स्काउट गाइड सेवा से भी जुड़े रहे जिसमें उन्होंने चित्तौड़गढ़ संभाग के प्रधान रहते हुए सिल्वर स्टार प्राप्त किया। उन्होंने मृत्यु उपरांत देहदान का वसीयत पत्र भर रखा था। बेटे मनीष और बेटी अंजलि, पौत्र अभिजीत और राज्यवर्धन ने पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए रात्रि में आचार्य तुलसी बहुद्देश्यीय फाउंडेशन के संस्थापक सुनील ढ़ीलीवाल से सम्पर्क किया और देहदान करवाने का आग्रह किया। शुक्रवार सुबह भंवर पुरी के पार्थिव शरीर को बेटे बेटी परिवार जनों ने आर वी आर एस गवर्नमेंट कॉलेज भीलवाड़ा के लिए गाजे-बाजे के साथ रवाना किया। बेटे मनीष और बेटी अंजलि ने पिता को अंतिम विदाई देते हुए अर्थी को कंधा दिया।
मेडिकल कालेज के छात्र करेंगे शोध-
भंवर पुरी का मृत शरीर आवश्यक कार्यवाही के बाद मेडिकल कालेज को सौंप दिया गया। मेडिकल कालेज के चिकित्सक डॉ पूजा गंगराड़े ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विधार्थी उनके शरीर पर शोध करेंगे। मेडिकल कॉलेज टीम में गणेश माली एवं इरफान मौजूद थे। टीम एटीबीएफ ने कहा कि देह दान की इस मुहिम से जन जागृति आएगी। लोग इस कार्य की सराहना कर रहे हैं।
टीम आचार्य श्री तुलसी बहुउद्देशीय फाउंडेशन के संस्थापक सुनील ढ़ीलीवाल ने भंवरपुरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन जैसे लोग विरले ही जन्म लेते हैं। इनको युगो युगो तक याद किया जायेगा।
इस मौके टीम एटीबीएफ के सुरेन्द्र टेलर, मुकेश शर्मा, देव शर्मा ने मेडिकल कॉलेज को पार्थिव देह को सौपने में सेवाएं दी एवं समाज सहित कई लोग शामिल रहे।