चित्तौड़गढ़। अनार के बॉक्स, केले के कैरेट और सेब आदि के बॉक्स में वास्तविक वजन के अनुसार कटौती करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर हाथ ठैला फुटकर फल व्यवसायी यूनियन ने मंगलवार को जिलाध्यक्ष कमलेश गुर्जर के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी समिति सचिव को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने समस्याओं के समाधान और उचित कार्रवाई की मांग की।
सह सचिव रमेश अहीर ने बताया कि फल-सब्जी मंडी में व्यापारियों द्वारा अनार, केले, सेब के बॉक्स और आम की पेटियों में निर्धारित मात्रा के अनुसार वजन की कटौती नहीं की जा रही है। उनका आरोप है कि केले के कैरेट में 15 किलो वजन के हिसाब से राशि ली जाती है, जबकि कैरेट में वास्तविक वजन करीब 14 से 14.5 किलो ही निकलता है।
इसी तरह अनार के बॉक्स में केवल आधा किलो वजन की कटौती की जाती है, जबकि बॉक्स का वास्तविक पैकिंग वजन एक किलो या उससे अधिक होता है। आम की पेटियों में भी प्लेटों के वजन के नाम पर करीब 250 ग्राम की कटौती की जा रही है, जबकि राजस्थान की अन्य मंडियों में यह मात्रा करीब आधा किलो निर्धारित होने की बात यूनियन ने कही।
यूनियन ने बताया कि पूर्व में 19 मई को मंडी समिति सचिव और फल-फ्रूट होलसेल व्यापारी संघ के अध्यक्ष के बीच समझौता हुआ था। इसमें होलसेल व्यापारियों द्वारा परचूनी व्यवसाय नहीं करने और केवल सीलबंद बॉक्स बेचने पर सहमति बनी थी। यूनियन का आरोप है कि इसके बावजूद कुछ व्यापारियों द्वारा समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।
फुटकर फल व्यवसायी यूनियन ने मंडी प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर निर्धारित नियमों के अनुसार वास्तविक वजन की कटौती सुनिश्चित कराने तथा पूर्व में हुए समझौते का पालन करवाने की मांग की है।