भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया है। पिछले दो दिनों में सक्रिय मौसम तंत्र के चलते कई जिलों में भारी बारिश हुई। भोपाल में 24 घंटे में करीब 7 इंच पानी गिरने से निचले इलाकों में जलभराव हो गया। राजगढ़ के ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया। जबकि विदिशा में बाढ़ में फंसे 17 लोगों को रेस्क्यू किया गया। भोपाल और आगर-मालवा में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग ने आज मंगलवार को नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, सीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, धार, बुरहानपुर, खंडवा, झाबुआ, देवास, बैतूल, जबलपुर, मंडला समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारी बारिश के चलते जोहिला बांध के दो गेट खोले गए हैं, आगर-राजगढ़ सीमा पर बने कोंडालिया डैम के चार गेट खोले गए, जबकि कलियासोत, केरवा और कोलार बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 10 अगस्त को उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना था, जिसके प्रभाव से प्रदेश में भारी बारिश हुई। अब उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है और इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक और कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। ऐसे में अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे है। मध्य प्रदेश में अब तक करीब 19 इंच यानी 483 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 18 और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत है। भौगोलिकसंदर्भ
प्रदेश के 46 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। हालांकि जुलाई में बारिश का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी अभी बरकरार है। अगस्त में सक्रिय होने वाला नया सिस्टम इस कमी को दूर करने में मददगार हो सकता है। जबकि जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी ज्यादा बनी हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, मंडला, पन्ना, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिले सामान्य से कम बारिश वाले हैं। वहीं भोपाल, गुना, सीहोर, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।