चीताखेड़ा। जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत होने के बावजूद ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है। भारत की संस्कृति में गांव के पंच परमेश्वर माने जाते हैं और पंचायत को गांव की सर्वोच्च संस्था। फिर भी ग्रामीण घंटो सचिव का इंतजार करते हैं और सचिव समय पर उपस्थित नही रहते है। यह आरोप ग्राम पंचायत चीताखेडा के उपसरपंच विकास प्रजापत ने लगाए।
प्रजापत ने आगे कहा कि पंचायत की बैठक में प्रस्ताव तो बड़े बड़े ले लिए जाते हैं मगर उन पर कोई अमल नहीं किया जाता है। विगत दिनों पंचायत बैठक में फैसला लिया गया कि गांव में अगर कहीं पर भी निर्माण कार्य शुरू होता है तो सबसे पहले पंचायत से अनुमति लेना अनिवार्य होगी। लेकिन उस पर भी सख्त कारवाई नही की जा रही है। बिना अनुमति के गांव में निर्माण कार्य जारी है। कचरा गाड़ी भी कई समय से बंद है। लेकिन सरपंच आंखे मूंद कर बैठी है। सरपंच द्वारा अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही की गई है।
सरपंच को लेकर कई पंच और उपसरपंच शिकायत कर चुके लेकिन सरपंच पति अपनी मनमानी करता रहता है।