बड़वानी। नवजात शिशु के जन्म से लेकर 5 वर्ष तक की आयु में लगने वाले संपूर्ण टीके बच्चों के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, अतः माता-पिता अनिवार्य रूप से अपने बच्चों का 5 वर्ष तक की आयु में होने वाले टीकाकरण को कराकर बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेखा जमरे ने उक्त बातें शनिवार को टीबी वार्ड के प्रशिक्षण हाल में आयोजित पत्रकार कार्यशाला के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने बताया कि सघन मिशन इन्द्रधनुष 5.0 के अंतर्गत तीन चरणों में 0-5 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका भी टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा। अभियान में बच्चों को सभी प्रकार के टीके लगाये जायेंगे। प्रथम चरण 7 से 12 अगस्त तक, द्वितीय चरण 11 से 16 सितम्बर तक तथा तृतीय चरण 9 से 14 अक्टूबर तक चलाया जायेगा। इसके लिए संपूर्ण जिले में कुल 1983 टीकाकरण सत्रों का आयोजन अभियान के दौरान किया जाएगा । तीन चरण इसलिए रखे गये है, ताकि प्रथम चरण में बच्चे को जो टीका पहली बार लगा है, वह एक माह के अंतर से पुनः उसे लगकर तीन टीके पूर्ण हो जाये। इस दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ अतुल राठौर ने बताया कि भारत सरकार के द्वारा यूविन सॉफ्टवेयर प्रारंभ किया गया है । इस सॉफ्टवेयर के अंतर्गत गर्भवती महिला एवं बच्चे को टीका लगने पर उसके मोबाइल नंबर से उनका रजिस्ट्रेशन युवीन पोर्टल पर हो जाएगा। इस पोर्टल की यह विशेषता है कि अगर गर्भवती महिला या बच्चा वैक्सीन लगाने के बाद भारत के किसी भी राज्य में चले जाएं वहां पर अपना मोबाइल नंबर बता कर अपना अगला वैक्सीनेशन करवा सकते हैं। पत्रकार कार्यशाला में डॉक्टर चंद्रजीत सांवले, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ अतुल राठौर सहित मीडिया बंधु उपस्थित थे।