भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा के सहप्रभारी और उत्तरप्रदेश के इटावा से सांसद राम शंकर कठेरिया को दो साल की सजा सुनाई गई है। 12 साल पुराने अफसर से मारपीट और हंगामे के मामले में उत्तरप्रदेश की आगरा एमपी/एमएलए कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। बताया जाता है कि सजा सुनाए जाने के बाद कठेरिया की संसद सदस्यता समाप्त हो सकती है।
जिस घटना में कठेरिया को सजा सुनाई गई है, वह 16 नवंबर 2011 की दोपहर करीब 12.10 बजे की है। टोरंट पावर लिमिटेड, आगरा के साकेत मॉल स्थित ऑफिस में मैनेजर भावेश रसिक लाल शाह बिजली चोरी से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे थे। तभी स्थानीय सांसद रामशंकर कठेरिया 10-15 समर्थकों के साथ आए और भावेश रसिक लाल शाह के साथ मारपीट शुरू कर दी।
इसमें शाह को काफी चोटें आई थीं। इस घटना की टोरंट पावर के सुरक्षा निरीक्षक समेधी लाल ने हरीपर्वत थाने में तहरीर दी थी। इस पर रामशंकर कठेरिया और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। थाना हरीपर्वत पुलिस ने कठेरिया के खिलाफ ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसी मामले में गवाही और बहस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फैसला सुनाया गया।