नरसिहंपुर। संत शिरोमणि श्री रविदास मंदिर निर्माण के लिए जिले में निकाली जा रही समरसता यात्रा का 5 अगस्त को समापन हो गया। यात्रा के अंतिम दिवस शनिवार को नरसिंहपुर से प्रारंभ होकर गोटेगांव और बगासपुर के विभिन्न ग्रामों में यात्रा के जरिए सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। बगासपुर में जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
इस मौके पर यात्रा का नेतृत्व कर रहे मप्र गौसंवर्धन बोर्ड कार्य परिषद अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक रविदास जी के विचारों को पहुंचाने और समाज में बंधुत्व का भाव व समरसता का संदेश देने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा के माध्यम से प्रत्येक गांव की मिट्टी और नदियों से एकत्रित जल से सागर के बड़तूमा में बनने वाले ऐतिहासिक व भव्य रविदास मंदिर की नींव रखी जाएगी। यह मंदिर सांस्कृतिक केन्द्र भी बनेगा। उन्होंने कहा कि संतों के जीवन, संघर्ष और विचार का समाज में गहरा प्रभाव होता है। संत रविदास महाराज हम सभी के प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने अपनी भक्ति व दोहों के माध्यम से समाज को समरसता का संदेश दिया और समाज में जातिगत भेदभाव को दूर कर सामाजिक एकता पर बल दिया और मानवतावादी मूल्यों की नींव रखी।
मप्र महिला, वित्त एवं विकास निगम की अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) अमिता चपरा ने जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संत रविदास महाराज ने समरसता का जो संदेश दिया, उसे जन-जन तक पहुँचाने का काम समरसता यात्रा के जरिए किया जा रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य समाज में द्वेषभाव समाप्त करने और रविदास के मार्ग पर चलकर ईश्वर प्राप्ति के अंतिम लक्ष्य को पूरा करना भी है।
विधायक जालम सिंह पटैल ने यहां उपस्थित जनसमुदाय को यात्रा के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सागर के बड़तूमा में 100 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे संत श्री रविदास जी मंदिर व समरसता लोक का भूमिपूजन करने पधार रहे हैं। यात्रा के दौरान समरसता रथ में श्रृद्धालुओं ने विभिन्न पवित्र स्थलों से जल व मिट्टी एकत्रित कर संत रविदास मंदिर निर्माण के लिए रथ में रखे पवित्र पात्रों में समर्पित की। जनसंवाद कार्यक्रम को पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, संतोष दुबे, नंदकिशोर ठाकुर, अनीता राज ने भी संबोधित किया।
संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। समरसता यात्रा अंतिम दिवस जिले के गोटेगांव विकासखण्ड के ग्राम बगासपुर से जबलपुर जिले में प्रवेशित हुई। इस दौरान गोटेगांव एवं बगासपुर के बाजार क्षेत्र और वार्डों में यात्रा के भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का जगह- जगह भव्य स्वागत किया। सनेर नदी चरगुवां से यात्रा जबलपुर जिले में प्रवेश करने पर कलश, चरण पादुका और यात्रा ध्वज सांसद राकेश सिंह एवं जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र जामदार को सौंपा गया। लोगों ने संत रविदास जी की चरण पादुका का पूजन भी किया। सर्वसमाज के लोगों ने यात्रा में सहभागिता की और पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
जनसंवाद कार्यक्रम में छिपेश्वर महाराज, यात्रा के साथ चल रहे संभाग के यात्रा प्रभारी प्रवीण मेश्राम, अजय मेश्राम, जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक जयनारायण शर्मा एवं अन्य सदस्य सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संत रविदास समरसता यात्रा 25 जुलाई को 5 स्थानों जावद जिला नीमच, माण्डव जिला धार, श्योपुर, बालाघाट व सिंगरौली से शुरू हुई है। विभिन्न जिलों से होती हुई यह समरसता यात्राएँ 11 अगस्त को रात्रिकाल में सागर में एकत्रित होंगीं। सभी यात्राएँ 12 अगस्त तक विभिन्न गाँवों से मिट्टी एवं प्रदेश भर की 313 नदियों से जल का सांकेतिक संग्रहण एवं जन-जागरण करते हुए सागर पहुँचेंगी। स्थान-स्थान पर जन-संवाद होंगे। सागर में 12 अगस्त 2023 को मंदिर निर्माण की स्थापना के शिलान्यास एवं वृहद स्तर पर जनसंवाद कार्यक्रम होगा।