BREAKING NEWS
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : राजस्व विवादों के समाधान के लिए जावद में.. <<     KHABAR : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह की अफसरों को.. <<     VIDEO NEWS: यात्रियों की जान से खिलवाड़! नीमच में नशे.. <<     BIG REPORT : पेपर लीक के बाद हाई अलर्ट, नीमच में.. <<     मंदसौर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, कड़ी सुरक्षा.. <<     KHABAR : देवरी खवासा में उत्साहपूर्वक मनाया गया.. <<     कसरावद में 1 से 8 मोहर्रम तक 'शहादत नामा',.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले में भयानक सड़क हादसा, नयागांव.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : हिमालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुआ.. <<     KHABAR : खरगोन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुआ.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले का ग्राम रायसिंहपुरा और बिहारी.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : विश्व योग दिवस पर नयागांव स्कूल में.. <<     खजुराहो में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर.. <<     BIG NEWS : अफसर से पटवारी बोले-मेरा वेयरहाउस खाली.. <<     KHABAR : प्रधानमंत्री आवास योजना के 39.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : सड़क नहीं तो वोट नहीं, विधायक सकलेचा के.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 7, 2023, 7:02 pm
NEWS : आदिवासियों की संस्कृति और पहचान समाप्त करने एवं जल जंगल जमीन से बेदखल बनाये जा रहे कानून पर रोक की मांग को लेकर राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, पढे़ रेखा खाबिया की खबर 

Share On:-

चित्तौड़गढ़। भारत के विभिन्न राज्यों में निवासरत आदिवासियों की संस्कृति और पहचान समाप्त करने एवं विकास के नाम पर जल, जंगल, जमीन से बेदखल करने के लिए बनाये जा रहे कानून पर रोक की मांग को लेकर राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के चरणबद्ध आन्दोलन के अंतिम चरण में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के देवीलाल मीणा के नेतृत्व में दिये ज्ञापन में बताया गया कि संविधान में आदिवासी समुदाय एसटी के रूप में पहचान प्राप्त है तथा इसके अधिकार प्राप्त है। इन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों से लड़ते हुए गुलाम भारत में जल, जंगल, जमीन और अपनी संस्कृति को सुरक्षित करने में जान की बाजी लगाई लेकिन विकास एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण के नाम इन्हें विस्थापित किया गया। राज्य व केन्द्र सरकार को संविधान के अनुसार दखल देने का अधिकार नहीं है लेकिन सरकारें लगातार अनसूनी हो रही है जिससे आक्रोशित संगठनों को आन्दोलन करना पड़ रहा है। इन्होंने कॉमन सिविल कोड, विकास के नाम पर विस्थापन, विकास के नाम पर हाईवे निर्माण से बढ़ते खतरे, मणिपुर के आदिवासयों पर अन्याय एवं अत्याचार करने सहित कईं तरह के अत्याचारों के कानून के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।


इस अवसर पर मांगीलाल सोलंकी, रामावतार मीणा, रामकुमार चावला, रामचन्द्र रेगर, सीता लोठ, किशन लोठ, बद्रीलाल मीणा, बाबूखां रंगरेज, नारायण लाल रेगर, राजेन्द्र, मोहम्मद साबीर, देवीलाल मीणा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE