भौरासा। नगर परिषद के पार्षदों में इस समय जमकर गुटबाजी हो रही है। नप के 15 पार्षद इस समय दो गुटों में बट बट गए हैं नगर मैं पार्षदों की गुटबाजी को लेकर चर्चाएं जोरों पर है। कल शाम को नगर परिषद के 10 पार्षदों के एक गुटने शुक्रवार को नगर परिषद के विशेष सम्मेलन की बैठक को लेकर आशीर्वाद रिसोर्ट पर प्रेस वार्ता की प्रेस वार्ता में पार्षद अनिल आदिवासी, जाकिर पठान, राधे बरेठा ,पार्षद प्रतिनिधि राहुल राठोर, मोनू भावसार, अजय गुप्ता, जितेंद्र कुशवाह ,बबलू हाडा, बाबूलाल शिंदे, तथा दीपक बिलवान, उपस्थित थे। सर्वप्रथम वार्ड 2 के पार्षद अनिल आदिवासी ने बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी पार्षद नगर विकास में साथ है हम नगर विकास में किसी भी प्रकार का रोड़ा नहीं लगा रहे हैं पार्षद आदिवासी ने बताया कि पूर्व में किए गए सभी प्रस्ताव जो अमल में नहीं लाए गए हैं उन्हें निरस्त कर दिए गए हैं।
यूआईडीएसएसएमटी योजना अंतर्गत पेयजल योजना में प्रतिवर्ष 20 लाख का मेंटेनेंस संबंधित एजेंसी को देना है जिसे परिषद ने निरस्त कर दिया है अब पेयजल योजना का मेंटेनेंस नप कर्मी करेंगे मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना अंतर्गत डेढ़ करोड़ का लोन लेकर सीसी रोड तथा नाली बनाने पर सहमति दी गई तीनों शमशान के नवीन तथा सौंदर्य करण का भी प्रस्ताव पास किया गया। कायाकल्प अभियान अंतर्गत जुलूस मार्ग में घटिया निर्माण करने के कारण संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त कर दिया गया है। वहीं पार्षद ने कहा कि हम किसी भी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को हटाने व बेरोजगार करने या रोजी-रोटी छीनने के पक्ष में नहीं है नपा अध्यक्ष द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को हमने निरस्त कर दिया है पार्षद प्रतिनिधि राठौड़ ने बताया कि परिषद ने सभी वार्डों में सीसी रोड एवं नाली निर्माण वार्ड 2 में शमशान निर्माण वार्ड 4 में मांगलिक भवन निर्माण वार्ड 8 में टिन सेड निर्माण वार्ड 10 में मंदिर का जीर्णाेद्धार वार्ड 12 में मांगलिक भवन वार्ड 14 में शमशान की चद्दर बदलवाने की सहमति दी गई है। पार्षद प्रतिनिधि राठौर ने बताया कि नगर परिषद अध्यक्ष एवं सीएमओ द्वारा हम पार्षदों की बिना जानकारी के पूर्व नगर परिषद के कार्यकाल की 53 लाख की राशि भुगतान कर दी गई है इस राशि का उपयोग शमशान के निर्माण तथा विकास कार्य में किया जा सकता था इस कारण परिषद द्वारा बहुमत का उपयोग करते हुए अध्यक्ष एवं सीएमओ से वित्तय अधिकार छीन लिया गए हैं।