कटनी। कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सहित कांग्रेस के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम पर कलेक्टर अवि प्रसाद को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में जीएसटी में ईडी का हस्तक्षेप को वापस लेने के साथ ही पीएमएल एक्ट में हुए संशोधन को वापस लेने की मांग की गई है।
कांग्रेस उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रौनक खंडेलवाल ने बताया कि जीएसटी कानून की पेचीदगियों से व्यापारी बेहाल है और अब सरकार उद्योग-व्यापार जगत को भयग्रस्त करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों को जो देश की अर्थव्यवस्था के नीवं के पत्थर है उन्हें चोर-डाकू क्यों साबित करना चाहती है।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि देश में लगभग डेढ़ करोड़ व्यापारी जीएसटी जमा करते हैं जिनमें से अधिकांश छोटे व्यापारी हैं जिनका टर्नओवर वार्षिक एक करोड़ रुपए से कम है। यह धारणा बनती रही है कि ईडी जैसी एजेंसी का उपयोग राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जाता रहा है। व्यापार करना और जीएसटी की गलतियां आपराधिक कृत्य नहीं मानी जा सकती।
सरकार के हर ऐसे कदम का व्यापारी जगत विरोध करता है। जबकि जीएसटी एक्ट में कार्रवाई के अधिकार और पर्याप्त शक्तियां विभाग के पास मौजूद है तो इसे ईडी को व्यवसाय की गतिविधियों में शामिल कर व्यापार जगत को भयग्रस्त करना अनुचित ही नहीं अन्यायपूर्ण भी है।
जीएसटी नेटवर्क को अब प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट से जोड़ दिया गया है ईडी को अधिकार दे दिया गया है कि वह जीएसटी के डाटा के आधार पर कार्रवाई करे। केंद्र सरकार के उठाए इस कदम कि व्यापारी जगत विरोध करता हैं।
जीएसटी को किसी भी तरीके से पीएमएलए में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की गई है। ऐसा नहीं किया गया तो मप्र कांग्रेस उद्योग-व्यापार प्रकोष्ठ जिले से लेकर प्रदेश और देश स्तर पर उग्र आंदोलन करेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़वारा विधायक बसंत सिंह, जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम खमरिया, कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रियदर्शन गौर, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि आशुतोष दीक्षित, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव सुमन रजक सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।