खरगोन। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने सनावद तहसीलदार को तमोलिया पंचायत के नागरिकों द्वारा जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन पर कहा कि जांच करे शासकीय भूमि है या निजी या सेवा भूमि है। ये लोग 70 वर्षाें से निवास कर रहें है। जांच करे समूह में रहते हैं। मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना में देने योग्य है या नहीं ? साथ ही आवेदकों से कहा कि आप लोगों को पट्टा मिल जाएगा। सोमवार को तहसीलदार से इसकी जानकारी प्राप्त करेंगे। कलेक्टर वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में 112 आवेदन प्राप्त किये। अधिकांश आवेदनों पर हाथोहाथ निराकरण प्रदान किया गया।
पति के उपचार में खर्च राशि पुनः दी जाएगी-
बागफल की संगीता हरियाल ने अपने पति धर्मेंद्र का बड़वाह के दादा दरबार अस्पताल में उपचार करवाया था। पूर्व में कलेक्टर वर्मा ने इस मामलें में एसडीएम से जांच करवाई थी। जांच में पाया गया कि अनुचित रूप से अस्पताल द्वारा राशि प्राप्त की गई। जनसुनवाई में सीएमएचओ डॉ सिसोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि संगीता द्वारा करीब 40 हजार रुपये के बिल प्रस्तुत किये गए हैं। अस्पताल प्रबंधन से जांच के बाद राशि देने के बाद राशि लौटाने की सहमति दी। राशि मिलने की खुशी में संगीता ने अपने घर पर तिरंगा लगाने के लिए जनसुनवाई में लगाये गए तिरंगा विक्रय केंद्र से तिरंगा खरीदा और कलेक्टर वर्मा ने उन्हें भेंट कर बधाई दी।
तीन मामलों में कलेक्टर वर्मा ने रेडक्रॉस से राशि की स्वीकृत-
जनसुनवाई में कलेक्टर वर्मा ने 3 प्रकरणों में अलग-अलग प्रकरणों में शिक्षा के लिए रेडक्रॉस से सहायता राशि प्रदान की है। दो प्रकरणों में 5-5 हजार रूपये और एक अन्य मामलें में 10 हजार रूपये की सहायता प्रदान की। पहले प्रकरण में गोगांवा के रहने वाले राज और प्रिंस दोनों भाइयों के मम्मी-पापा नहीं रहे। वो बुजुर्ग दादा दादी के साथ रहते है। बड़ा भाई राज कक्षा 10 वी में 55 प्रतिशत के साथ पास हुआ। जबकि छोटा भाई कक्षा 8 वी में पढ़ रहा है। कलेक्टर वर्मा खासे प्रभावित हुए और राशि भी प्रदान की।
इसी तरह एक अन्य मामलें में दसनावल के रेवाराम यादव जो अपनी बेटी की तीन संतानों को पढ़ा रहें है। क्योंकि उनकी बेटी की मृत्यु डिलेवरी के दौरान हुई थी। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी, खाद्यान्य पर्ची और वृद्वावस्था पेंशन प्रदान करने के लिए आवेदन किया। कलेक्टर वर्मा ने खाद्य विभाग को पात्रता पर्ची जनरेट करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों की पढ़ाई के लिए 5 हजार रुपये का चेक प्रदान किया।
एक अन्य मामले में जनसुनवाई समाप्त होने के बाद कलेक्टर वर्मा लन्च के लिए जाने लगे तो प्रवेश द्वार पर ही भोपाल में आयुर्वेदिक महाविद्यालय में बीएचएमएस तृतीय वर्ष में अध्ययनरत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दिया। आकाश भोपाल में 5 हजार रूपये प्रतिमाह किराये से रहता है। पिता मजदूर है जो मुश्किल से रूपयों का प्रबंध कर पाते हैं। कलेक्टर वर्मा ने आकाश को 10 हजार रूपये का चेक प्रदान किया।