भोपाल। मास्टर प्लान-2031 में आई आपत्तियों की सुनवाई दूसरे दिन गुरुवार को भी चल रही है। आज कुल 99 आपत्तियों पर मंथन किया जा रहा है। दामखेड़ा, बैरागढ़ चिचली, अकबरपुर, खानूगांव, बंजारी समेत कोलार रोड के कई इलाकों में कृषि भूमि को फॉरेस्ट एरिया में शामिल किए जाने पर आपत्ति ली गई है। वहीं, बड़ा तालाब के संरक्षण के सुझाव भी दिए गए हैं। सुनवाई शाम तक चलेगी।
मास्टर प्लान को लेकर कुल 3005 आपत्तियां आई हैं। पहला चरण 11 अगस्त तक चलेगा। इसके दूसरे दिन गुरुवार को सुबह साढ़े 10 बजे से आपत्तियों पर सुनवाई शुरू की गई। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उप सचिव केवीएस चौधरी कोलसानी दावे-आपत्तियों पर सुनवाई कर रहे हैं।
बता दें कि भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट 2 जून को सरकार ने जारी कर दिया था। ड्राफ्ट जारी होने के 30 दिन के अंतर कुल 3005 आपत्ति और सुझाव मिले। इनमें बड़ा तालाब किनारे बसाहट, बाघ एरिया समेत कई रहवासी इलाकों को लेकर आपत्तियां आई हैं।
ऑनलाइन सुनवाई के लिए संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल, राज्य नगर नियोजन संस्थान में 9 चेट रूम तैयार किए गए हैं। सभी आपत्तिकर्ताओं को 320 समूह में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह को चेट रूम में उपस्थित होने का दिनांक एवं समय सूचित किया गया है। यदि आपत्ति लगाने वालों को ऑनलाइन जुड़ने में दिक्कतें आ रही तो वे चेट रूम में भी पहुंचकर जुड़ सकते हैं। पहले और दूसरे दिन बड़ी संख्या में आपत्ति लगाने वाले चेट रूम में पहुंचे और ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हुए।
ऑनलाइन सुनवाई 9 अगस्त से 4 सितंबर तक होगी। प्रथम चरण में 9 से 11 अगस्त तक, द्वितीय चरण में 16 से 18 अगस्त तक, तृतीय चरण में 21 से 25 अगस्त तक, चतुर्थ चरण में 28 से 29 अगस्त तक, पांचवें चरण में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक और छठवें व अंतिम चरण में 4 से 5 सितंबर तक सुनवाई की जाएगी।