दमोह। जिले की तेंदूखेड़ा पुलिस ने लूट का शिकार हुए फार्मासिस्ट को थाने में बंद कर पूरी रात बेरहमी से पीटा और बाद में उसे छोड़ दिया। इस मामले में भाजपा विधायक धर्मेंद्र सिंह ने दमोह एसपी से करवाई की मांग की, जिसके बाद एसपी ने पांच पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया और लूट की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई।
जानकारी के अनुसार जगत पिता मूरत लोधी ग्राम बिलतरा थाना तारादेही का निवासी है। वह अपनी पत्नी के साथ तेंदूखेड़ा के वार्ड 11 में रहता है। उसका समनापुर में एक मेडिकल स्टोर है।
मंगलवार की रात वह सामनापुर से तेंदूखेड़ा आ रहा था। तभी बहेरिया तिराहे पर दो अज्ञात लोगों ने उसे रोका और उसका फोन और जेब में रखे 68 हजार रुपये छीन लिए। जगत लोधी ने बताया कि वह थाने पहुंचा और उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्होंने मिलकर मेरी पिटाई करनी शुरू कर दी।
जगत की पत्नी ने बताया कि देर रात तक जब मेरे पति घर नहीं आये तो वह सुबह चार बजे थाने पहुंची और उसके पति को निकाला जिन्हें बुरी हालत में घर लेकर आई। फार्मासिस्ट के साथ हुई मारपीट के बाद बुधवार सुबह दर्जनों की संख्या में भाजपा नेता पीड़ित परिवार के साथ तेंदूखेड़ा थाने पहुंचे और उन चार पुलिस कर्मियों पर मामला दर्ज करने की मांग की। पीड़ित के साथ तेंदूखेड़ा एसडीओपी के नाम एक लिखित आवेदन दिया, जिसमें एसआई विनीत शिलास, प्रधान आरक्षक ब्रजेश तिवारी, आरक्षक देवराज कुर्मी और विशाल बेन पर मामला दर्ज करने की मांग की।
जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया की तेंदूखेड़ा में मंगलवार की रात जो घटना घटी है वह निंदनीय है। फरियादी पुलिस के पास मदद के लिए गया था उसे बुरी तरह मारा गया है, जो गलत है। मैंने दमोह पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वह घटना की पूरी निष्पक्षता से जांच कराएं जो दोषी हैं उनपर कड़ी कार्रवाई हो। जिन लोगों ने पीड़ित के साथ मारपीट की है उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
वहीं इस मामले में एएसपी संदीप मिश्रा ने बताया की एसपी के निर्देश पर वह बुधवार को जांच करने पहुंचे थे। पांच पुलिसकर्मी जिन पर मारपीट का आरोप है उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया है और जांच जारी है। पीड़ित को जो चोट आई हैं उसमें भी आगे पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया जाएगा। लाइन अटैच हुए पुलिसकर्मियों में थाना प्रभारी एसआई प्रदीप चौधरी भी हैं।