देवास। विगत दिनों पहले हुई बारिश के बाद सोयाबीन फसलें खराब होने के चलते युवक कांग्रेस के नेतृत्व में खातेगांव विधानसभा से कई किसान कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे थे किसानों ने भोपाल चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक खराब हुई सोयाबीन फसल की अर्थी भी निकाली। कलेक्टर कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बेरिकेट्स लगाकर गेट पर ही रोक लिया। ज्ञापन लेने एसडीएम पहुंचे थे लेकिन कार्यकर्ता कलेक्टर ऋषव गुप्ता को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े थे और विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी कर रहे थे। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर कुछ कार्यकर्ता बस के सामने लेट गए। जिसके चलते पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को खदेड़ा और अभिरक्षा में लेकर जिला जेल पहुंचा दिया। युवक कांग्रेस महासचिव मनीष चौधरी ने बताया कि विगत पांच दिनों से जो सोयाबीन की फसल नष्ट हुई है उसके मुआवजे की प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपए मांग को लेकर हम यहां आए थे। पांच दिनों तक खातेगांव में धरने पर बैठे लेकिन प्रशासन की और से कोई हमसे बात करने नहीं आया। किसानों की फसल अतिवृष्टि से खराब हो चुकी है। उसी मामले में हम यहां पर ज्ञापन देने पहुंचे थे। लेकिन कलेक्टर साहब मिलने नहीं आए एसडीएम साहब आए थे उन्हें हम ज्ञापन पहले दे चुके थे। हम कलेक्टर से बात करने आए थे हम सोयाबीन की अर्थी लेकर आए थे आप सोयाबीन को देखिए स्थिति क्या है लेकिन प्रशासन भाजपा सरकार के इशारों पर चल रहा है। हमने ज्ञापन देने से मना किया और हम अड़े रहे तो पुलिस ने हमारे उपर लाठीचार्ज किया। हमारी महिला नेत्रियों के साथ भी दुर्व्यव्यहार किया और हमें जबरन बंद कर यहां लाया गया। हम लोग अपनी आवाज को उठाने के लिए आए थे। पुलिस ने दमनकारी नीति अपनाई है। कांग्रेस अपनी लड़ाई लड़ती रहेगी। सीएसपी दीशेष अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी मनीष चौधरी द्वारा आव्हान किया गया था कि आज भोपाल चौराहे पर कार्यकर्ता एकत्रित करने के पश्चात कलेक्टर कार्यालय की और कूच किया गया। जिसके चलते पुलिस द्वारा बेरिकेट्स लगाए थे। ज्ञापन देने के लिए इन्हें गेट पर रोका गया और विरोध करने पर इनकों अभिरक्षा में लेकर जिला जेल भेजा गया है। मुआवजे के संबंध में इनकी मांग थी।