नीमच। शहर के जिला अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कमी का खामियाजा मरीजों को लगातार भुगतना पड़ रहा है। मरीजों की लंबी कतारें चिकित्सकों के कक्ष के बाहर देखी जा सकती है। यही हाल महिला ओपीडी का है। यहां पर जांच और उपचार के लिए एक ही डॉक्टर मौजूद है। आज वॉइस आफ एमपी की टीम ने यहां पर पहुंच कर पड़ताल की तो महिलाओं ने कहा कि यहां पर लाइन में गर्भवती महिलाएं डेढ़ 2 घंटे से खड़ी है। केवल एक डॉक्टर ऐश्वर्या यहा पर परामर्श हेतु मौजूद है। गर्मी और मर्ज की वजह से खड़ा रहना दुश्वार हो गया है। किसी को चक्कर आ रहे हैं,किसी का जी घबरा रहा है तो किसी को उल्टी हो रही है। यदि समय रहते नंबर आ भी गया तो जांच और उसकी पर्ची बनाने में इतना समय लग जाएगा कि डॉक्टर चले जाएंगे।फिर वापस चक्कर काटना पड़ेगा। जिला अस्पताल में नीमच और दूर दराज के गांव से महिलाएं आती है। डॉक्टर और स्टाफ की लंबे अरसे से व्यवस्था नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार लोग मरीज के लिए बेहतर सुविधा की उपलब्धता नहीं करा पा रहे हैं। वास्तव में मरीजों के हाल देखकर लगता है की स्थिति बड़ी दयनीय है। सोचने वाली बात है की गर्भवती और पीड़ित गरीब महिलाएं इस हाल में कितनी देर कतार में खड़ी रहे। सवाल उठता है कि जिम्मेदार लोग आखिर कब आम आदमी की तकलीफ का एहसास कर पाएंगे?