झाबुआ। नामांकन के संबंध में समस्त आरओ एवं एआरओ की बैठक कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तन्वी हुड्डा की अध्यक्षता में कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में नामांकन प्रक्रिया के चरण जिसमें अधिसूचना एवं लोकसूचना के प्रकाशन, नामनिर्देशन प्रक्रिया, नामनिर्देशन पत्रों की संवीक्षा, विधिमान्य एवं अविधिमान्य नामनिर्देशन पत्र, अभ्यर्थी की वापसी, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची बनाना एवं प्रतीक आवंटन एवं अभ्यर्थियों को दी जाने वाली सामग्री एवं बिफ्रिग के सम्बन्ध में चर्चा की गई।
नाम निर्देशन पत्रों की अधिकतम संख्या अंतर्गत किसी एक निर्वाचन क्षेत्र हेतु कोई अभ्यर्थी अधिकतम चार नामनिर्देशन पत्र प्रस्तुत कर सकता है, परन्तु इससे अधिक ग्राहय नहीं किये जाएगे, यदि ग्राहय कर भी लिया गया है तो इस आधार पर पूर्ववर्ती चार नाम निर्देशन पत्र खारिज नहीं किए जाएगे। निर्धारित संख्या से अधिक वाले बाद में प्रस्तुत नामनिर्देशन पत्र की संवीक्षा नहीं की जायेगी, सभी नामनिर्देशन पत्रों में प्रस्तावक भिन्न-भिन्न या समान हो सकते है।
नामनिर्देशन पात्र ग्राह्य करने के लिए सक्षम प्राधिकारी उस निर्वाचन के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी, लोक सूचना में दर्शित विशिष्ट एआरओ, इसके अतिरिक्त किसी अन्य एआरओ के समक्ष प्रस्तुत नामनिर्देशन पत्र निरस्ती योग्य होगा ।
नामनिर्देशन पत्र कौन प्रस्तुत कर सकता है व उसकी रीति अंतर्गत अभ्यर्थी अथवा कोई भी प्रस्तावक, इसके अतिरिक्त अन्य कोई नही चाहे उसे लिखित में अभ्यर्थी अथवा प्रस्तावक द्वारा अधिकृत किया गया है । फेक्स, ई-मेल, डाक या अन्य किसी माध्यम से भी नहीं एवं आरओ कक्ष में अभ्यर्थी सहित अधिकतम 5 व्यक्ति प्रवेश पा सकेंगे ।
बैठक में अपर कलेक्टर एस.एस. मुजाल्दा, संयुक्त कलेक्टर एवं उपजिला निर्वाचन अधिकारी अंकिता प्रजापति एवं मास्टर ट्रेनर हरीश कुण्डल उपस्थित रहे।