उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को उज्जैन में प्रेस वार्ता के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट, केंद्र सरकार, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को लेकर तीखे राजनीतिक बयान दिए। उन्होंने राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
दिग्विजय सिंह शुक्रवार रात उज्जैन पहुंचे थे और शनिवार सुबह सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के साथ महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं, कथित भूमि विवादों तथा इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के नामकरण जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया गया है, इसलिए ट्रस्ट की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में दान से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि अनियमितता पाई गई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी घोषणा की कि पार्टी इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाएगी। उनके अनुसार उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में कांग्रेस की समितियां घर-घर जाकर लोगों को इस मामले की जानकारी देंगी।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं और मंदिर की भूमि से जुड़े पुराने मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की। साथ ही कहा कि किसानों, धार्मिक संस्थाओं और जनहित के अन्य मुद्दों पर कांग्रेस आगे भी आवाज उठाती रहेगी।
नोटः राम मंदिर ट्रस्ट और अन्य संबंधित पक्षों पर लगाए गए आरोप दिग्विजय सिंह के राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।