चित्तौड़गढ़। राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को जैसे ही भारतीय जनता पार्टी की दूसरी लिस्ट जारी हुई। जिसमें चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय से वर्तमान विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के बजाय विद्याधर नगर से विधायक रहे नरपत सिंह राजवी का टिकट फाइनल होने की सूचना मिलते ही जहां एक तरफ राजवी के कुछ समर्थकों ने कलेक्ट्रेट के समक्ष आतिशबाजी कर खुशी जताई, उधर चित्तौड़गढ़ के वर्तमान विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के कार्यालय और निवास पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हो गए। कार्यकर्ताओं ने दो बार लगातार विधायक रहते हुए पिछले चुनाव में भारी मतों से जीतने वाले आक्या का टिकट काटने पर रोष जताते हुए सवाल खड़ा किया कि विधायक का क्या दोष था जो उनका टिकट काटा गया और बाहरी प्रत्याशी को थोपा गया। कई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी भी की।
चित्तौड़गढ़ के विधायक का भाजपा द्वारा टिकट काटे जाने के विरोध में 2 घंटे से भी अधिक समय तक उनके समर्थकों के द्वारा विधायक कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन एवं अधिकांश पदाधिकारीयों द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के बाद विधायक आक्या कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। विधायक चंद्रभान सिंह ने कल तक रणनीति बनाने की बात कही हैं। दो टूक शब्दों में कहा कि बाहरी प्रत्याशी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को भावुकता से काम नहीं लेना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई नाराजगी नहीं है लेकिन पार्टी ने जन भावना को ध्यान में नहीं रखा हैं।