राजस्थान के उदयपुर में अस्पताल में हुई एक व्यवस्था का हवाला देते हुए, मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक मृतक के मामले में पुलिस बुलाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है।
मंदसौर । सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि उदयपुर के सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी में भर्ती मरीज की मृत्यु होने पर पुलिस को बुलाकर ही शव सौंपने की पुरानी व्यवस्था है जिसे समाप्त किया जाए। पोस्ट में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की गई है कि ऐसी व्यवस्था को संवेदनशील बनाया जाए। यह पोस्ट मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने की है।
इसी क्रम में पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि आज मंदसौर में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद पुलिस को बुलाया जा रहा है, जिस पर सवाल उठाए गए हैं।
इस वायरल सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।