नीमच। कांग्रेस नेत्री मधु बंसल ने कहा है कि आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ चौथी औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रही है, जबकि केंद्र सरकार देश को धर्म और जाति के मुद्दों में उलझाकर युवाओं के भविष्य, रोजगार और तकनीकी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने कहा कि AI को केवल चैटजीपीटी से बातचीत या फोटो-पोस्टर बनाने तक सीमित समझना बड़ी भूल होगी, क्योंकि यह तकनीक भविष्य में रोजगार, शिक्षा और कार्य संस्कृति को व्यापक रूप से प्रभावित करने वाली है।
मधु बंसल ने कहा कि देश की 55 प्रतिशत आबादी आज भी कृषि और प्राथमिक क्षेत्र पर निर्भर है, जबकि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इसका योगदान अपेक्षाकृत कम है। दूसरी ओर, सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिस पर AI का सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि आईटी, बीपीओ, बैंकिंग, बीमा और अन्य सेवा क्षेत्रों में लाखों नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि जब विश्व के कई देश AI के लिए नई नीतियां, स्किलिंग इकोसिस्टम और स्वदेशी तकनीकी मॉडल विकसित कर रहे हैं, तब केंद्र सरकार बेरोजगारी, महंगाई और तकनीकी चुनौतियों जैसे मुद्दों पर गंभीर पहल करती दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाकर भावनात्मक विषयों की ओर केंद्रित कर रही है।
मधु बंसल ने कहा कि सच्चा सनातन जीवन मूल्यों, सत्य और पुरुषार्थ का संदेश देता है तथा समाज को आने वाली चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से तकनीकी बदलावों को समझने और भविष्य की चुनौतियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।