नीमच। वरिष्ठ समाजसेविका एवं कांग्रेस नेत्री मधु बंसल ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों में किए गए वादों और दावों का सच अब देश की जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि महँगाई, बेरोज़गारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में जनाक्रोश बढ़ रहा है और जनता अब सरकार से जवाब मांग रही है।
जारी बयान में मधु बंसल ने कहा कि दिल्ली में चल रहे छात्र-युवा आंदोलनों को केवल किसी एक घटना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह आमजन की उन समस्याओं का प्रतीक है, जिनका समाधान लंबे समय से नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा काला धन वापस लाने और भ्रष्टाचार समाप्त करने के किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं, जबकि आम नागरिक लगातार बढ़ती महँगाई और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा से जुड़े घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। वहीं, अग्निवीर योजना को लेकर भी उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इस प्रकार की नीतियों पर व्यापक संवाद और पुनर्विचार की आवश्यकता है।
मधु बंसल ने आरोप लगाया कि जब जनता रोजगार, विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर सवाल उठाती है, तब उसे भटकाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल पूछने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है तथा सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर उतरे छात्र-युवाओं का आंदोलन देश के युवाओं की भावनाओं का प्रतीक है। लोकतंत्र में जनभागीदारी और शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार बताते हुए उन्होंने देशवासियों से संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सत्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।
अंत में मधु बंसल ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करे तथा शिक्षा संबंधी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करते हुए प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध और अधिक मुखर रूप से दर्ज कराएगी।