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September 9, 2026, 12:28 pm
BIG NEWS : नगरपालिका के विकास प्रस्तावों पर डॉ. जाजू ने उठाए सवाल, पूर्व विधायक ने मांगा 20 वर्षों में सड़कों पर खर्च का श्वेतपत्र, कॉलोनियों के विकास और प्लाट आवंटन की प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग, पढ़े खबर 

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नीमच। नगरपालिका परिषद की हाल ही में हुई बैठक में विकास कार्यों एवं नवीन आवासीय कॉलोनियों को विकसित करने संबंधी लिए गए निर्णयों पर पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पारित करना एक प्रक्रिया है, लेकिन उन्हें निर्धारित समय-सीमा में धरातल पर उतारकर वास्तविक रूप देना बड़ी परीक्षा है। वर्तमान नगरपालिका परिषद इस परीक्षा में कितनी सफल होती है, इसका आकलन आने वाले समय में होगा।

डॉ. जाजू ने कहा कि नीमच नगरपालिका क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर पिछले 20 वर्षों में कितनी राशि खर्च की गई, इसका नगरपालिका को श्वेतपत्र जारी कर सार्वजनिक करना चाहिए। साथ ही पिछले दो दशकों में निजी एवं नगरपालिका कॉलोनियों को विकसित करने के लिए कितनी एनओसी जारी की गईं, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

कॉलोनियों के विकास का इतिहास सार्वजनिक करने की मांग-
पूर्व विधायक ने कहा कि नवीन आवासीय एवं व्यावसायिक प्लाट विकसित करने के प्रस्तावों का श्रेय लेने से पहले नगरपालिका को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अतीत में उसने स्वयं कितनी कॉलोनियां विकसित की हैं। उन्होंने नीमच नगरपालिका क्षेत्र में विकसित कॉलोनियों का इतिहास सार्वजनिक करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि उपलब्ध इतिहास के अनुसार वर्ष 1990 से पहले नीमच सुधार न्यास द्वारा कई कॉलोनियां विकसित की गई थीं। ऐसे में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इसके बाद नगरपालिका परिषदों ने स्वयं कितनी आवासीय या व्यावसायिक कॉलोनियां विकसित कीं।

सड़कों पर खर्च का भी मांगा हिसाब-
डॉ. जाजू ने कहा कि जिन सड़कों के पुनः डामरीकरण और विकास के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, उन पर पिछले 20 वर्षों में कितना खर्च हुआ, इसका भी हिसाब सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि बार-बार उन्हीं सड़कों के विकास के लिए राशि खर्च किए जाने और प्रत्येक बार उसे नई उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में नगरपालिका परिषदों द्वारा कॉलोनियों के विकास से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए गए, लेकिन इन प्रस्तावों के वास्तविक क्रियान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन भी आवश्यक है।

नई कॉलोनी से कितने लोगों को मिलेगा लाभ?
डॉ. जाजू ने नगरपालिका द्वारा प्रस्तावित नवीन आवासीय कॉलोनी को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीमच की आबादी करीब डेढ़ लाख पहुंच चुकी है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि प्रस्तावित कॉलोनी में विभिन्न श्रेणियों के कुल कितने प्लाट होंगे और शहर की कुल आबादी के अनुपात में कितने प्रतिशत लोग इससे लाभान्वित हो सकेंगे।

उन्होंने प्लाट आवंटन के नियम, पात्रता और पूरी आवंटन प्रक्रिया को भी सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और आम नागरिकों को इसकी स्पष्ट जानकारी मिल सके।

भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल-
पूर्व विधायक ने कहा कि पिछले वर्षों में नगरपालिका में अध्यक्ष एवं प्रशासक रहे हैं और लंबे समय से प्रदेश में भाजपा की सरकार तथा नीमच विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक रहे हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि इतने लंबे समय में शहर में नई आवासीय कॉलोनियों के विकास की दिशा में पर्याप्त पहल क्यों नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि नगरपालिका के नए प्रस्तावों पर श्रेय लेने के बजाय अब यह भी देखना होगा कि कितने प्रस्ताव वास्तव में समय-सीमा में धरातल पर उतरते हैं और जनता को उनका वास्तविक लाभ मिलता है। उन्होंने नगरपालिका के पिछले तीन दशकों के कामकाज का तथ्यात्मक मूल्यांकन किए जाने की आवश्यकता बताई।

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