उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आगामी 17 सितंबर को भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों और श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में एक साथ 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। आयोजन के माध्यम से उज्जैन में नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की जा रही है।
लाखों दीपों की रोशनी से शिप्रा नदी का तट और महाकाल लोक जगमगाएगा। दीपोत्सव का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया जाएगा। इस दौरान पूरे परिसर में भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी।
आयोजन की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मंगलवार को कमिश्नर, एडीआईजी, डीआईजी, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने शिप्रा नदी के घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
दीपोत्सव के लिए पूरे क्षेत्र को 7 प्रमुख सेक्टरों और 250 सब-सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अनुशासन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए दीपों को सुरक्षित रखने के लिए वाटरप्रूफ शीट की व्यवस्था भी की गई है।
इस भव्य आयोजन में लगभग 25 हजार वॉलिंटियर्स अपनी सहभागिता निभाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में दीप प्रज्वलन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि निर्धारित समय पर सभी दीप एक साथ जलाए जा सकें।
आयोजन के अनुसार, 17 सितंबर को शाम 7 बजे सायरन बजते ही शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों और महाकाल महालोक क्षेत्र में एक साथ लाखों दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन में शहर की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं और हजारों वॉलिंटियर्स का सहयोग मिल रहा है।
बताया गया है कि इससे पहले अयोध्या में सरयू तट पर 26 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाने का रिकॉर्ड दर्ज है। अब उज्जैन में 30 लाख से अधिक दीप जलाकर नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह आयोजन उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया के सामने एक भव्य रूप में प्रस्तुत करेगा।