रतलाम। भारतीय जनता पार्टी की पांचवी सूची में रतलाम जिले की शेष बची तीनों विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो चुकी है। रतलाम ग्रामीण के मौजूदा विधायक दिलीप मकवाना का टिकट काटकर पार्टी ने पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को उम्मीदवार बनाया है। जावरा में मौजूदा विधायक डॉ राजेंद्र पांडे को उम्मीदवार घोषित किया है। आलोट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद चिंतामणी मालवीय को पार्टी ने मैदान में उतारा है। जबकि सैलाना से संगीता चारेल और रतलाम शहर से चेतन्य काश्यप को पार्टी पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
रतलाम ग्रामीण विधानसभा में मौजूदा विधायक दिलीप मकवाना को कार्यकर्ताओं की नाराजगी ले डूबी। वहीं, पूर्व में विधायक रहे मथुरालाल डामर को 2018 में टिकट कटने के बाद पार्टी के प्रति ईमानदार रहने का इनाम मिला है। रतलाम ग्रामीण विधानसभा के नाराज कार्यकर्ताओं के गुट ने मथुरालाल डामर को टिकट दिए जाने की माँग की थी।
जावरा विधानसभा सीट पर भाजपा ने तीन बार के विधायक डॉ राजेंद्र पांडे पर फिर से भरोसा जताया है। डॉ राजेंद्र पांडे 2003 में कांग्रेस के महेंद्र सिंह कालूखेड़ा को हराकर पहली बार विधायक बने थे। 2008 में डॉ पांडे महेंद्र सिंह कालूखेड़ा से चुनाव हार गए । इसके बाद डॉक्टर राजेंद्र पांडे 2013 में यूसुफ कड़पा से 30 हजार मतों से चुनाव जीते थे। वहीं, 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार के के सिंह कालूखेड़ा को 600 मतों से चुनाव हराया था। पार्टी में सिंधिया समर्थक के के सिंह कालूखेड़ा और डॉ राजेंद्र पांडे के बीच ही टिकट को लेकर मुकाबला था। लेकिन पार्टी ने मौजूदा विधायक पर ही अपना भरोसा जताया है।
आलोट विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने उज्जैन से पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय को मैदान में उतारा है। पार्टी ने यहां जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए मालवीय समाज के बड़े नेता को उम्मीदवार बनाया है।