नीमच। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो गया है। इसकी वजह से देश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। ये सिस्टम आगामी 4 दिन तक एक्टिव रहेगा। इस वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर एमपी में ज्यादा दिखाई नहीं देगा। मप्र के लगभग आधे से ज्यादा जिलों में बादल छाने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। मध्यप्रदेश में अक्टूबर में हल्की ठंडक तो रहेगी, लेकिन तापमान बहुत ज्यादा नहीं गिरेगा।
मौसम विभाग के फोरकास्ट इंचार्ज वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि आगामी नवंबर माह में एमपी के कई जिलों में फिर से बारिश होगी। 16 नवंबर से 20 नवंबर के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और बारिश की संभावना बन रही है। इस दौरान बंगाल की खाड़ी में एक मौसमी सिस्टम बन सकता है। इससे इंदौर संभाग के कुछ इलाकों और भोपाल में बादल छा सकते हैं। नवंबर के दूसरे पखवाड़े से भोपाल समेत प्रदेश में ठंड बढ़ने का ट्रेंड भी है। आगामी 48 घंटों में एमपी के कुछ जिलों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से बादल छाएंगे। मालवा के नीमच, मंदसौर व रतलाम जिले में भी धूप-छांव वाला मौसम बना रहेगा।