चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ के तत्वावधान में आयोजित होने वाला 21वां कल्याण महाकुंभ इस वर्ष भगवान शिव को समर्पित रहेगा। महाकुंभ के आयोजन से संपूर्ण कल्याण नगरी शिवमय वातावरण में रंगने लगी है। वेदपीठ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस बार का आयोजन श्रद्धालुओं को छोटी काशी जैसी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।
महाकुंभ के दौरान भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ श्रीलिंग महापुराण की अमृतमयी कथा का वाचन करेंगे। कथा में भगवान शिव के निराकार स्वरूप, पंचावतार एवं शिव महिमा का विस्तृत वर्णन किया जाएगा, जिसका श्रवण भक्तों के लिए दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर होगा।
आयोजन के अंतर्गत पहली बार 51 कुण्डीय श्री अतिरुद्र महायज्ञ भगवान शिव को समर्पित होगा। साथ ही यज्ञशाला में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दिव्य एवं आकर्षक दर्शन भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे। नगरभर में भगवान शिव एवं माता पार्वती के पावन चरणचिह्नों से युक्त श्शाम्ब सदाशिवश् के स्टिकर लगाए गए हैं, जिससे पूरा वातावरण शिवमय दिखाई दे रहा है।
महाकुंभ के प्रथम दिन भव्य शोभायात्रा ढाबेश्वर महादेव (दशहरा मैदान) से प्रारंभ होगी। शोभायात्रा में भगवान महाकाल सहित एक दर्जन से अधिक आकर्षक धार्मिक झांकियां शामिल होंगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
वेदपीठ द्वारा महाकुंभ के दौरान श्रीलिंग महापुराण के 111 पारायण तथा भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र ष्ॐ नमः शिवायष् के लगभग 5 करोड़ जाप का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे संपूर्ण कल्याण नगरी में भक्ति, आस्था और शिव आराधना का अद्भुत वातावरण निर्मित हो गया है।
वेदपीठ के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान शिव की कृपा, ठाकुरजी की प्रेरणा तथा हजारों श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष का कल्याण महाकुंभ ऐतिहासिक होगा और कल्याण नगरी को ष्छोटी काशीष् के रूप में नई पहचान प्रदान करेगा।