चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) मानसिंह चुंडावत के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश योगिता पारीक ने सोमवार को उपकारागृह बेगूं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने रसोईघर, बैरक, शौचालय एवं स्नानागार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा बंदी रजिस्टर का अवलोकन किया, जो संतोषजनक पाया गया।
सचिव ने बंदियों को कारागार में संचालित बंदी विधिक सहायता क्लिनिक की जानकारी देते हुए निरूशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने प्रत्येक बंदी से व्यक्तिगत चर्चा कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली तथा जिन बंदियों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें विधिक सहायता आवेदन पत्र भरने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर किसी भी बंदी को न्याय से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के दौरान कारापाल किशनलाल मीणा सहित कारागार का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।