चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार स्थायी लोक अदालत एवं जनोपयोगी सेवाओं के प्रचार-प्रसार हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में पोस्टर का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) मानसिंह चुण्डावत एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीमती योगिता पारीक ने पोस्टर का विमोचन किया।
सचिव श्रीमती पारीक ने बताया कि स्थायी लोक अदालत, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 22-बी के अंतर्गत स्थापित एक वैकल्पिक विवाद निस्तारण मंच है, जिसके माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का त्वरित, सस्ता एवं सरल समाधान उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक, जिसका विवाद विद्युत, जलापूर्ति, डाक, परिवहन, दूरसंचार एवं अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित हो, वह स्थायी लोक अदालत में आवेदन कर सकता है। यहां मामलों का निस्तारण कम समय एवं कम खर्च में किया जाता है।
स्थायी लोक अदालत की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार का कोर्ट फीस नहीं लगता तथा इसके द्वारा दिए गए निर्णय न्यायालय की डिक्री के समान प्रभावी होते हैं।
इस अवसर पर आमजन से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्थायी लोक अदालत की सेवाओं का लाभ उठाएं और अपने विवादों का सरल एवं सुलभ समाधान प्राप्त करें।