जावी। नीमच जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कमल सरोवर के नाम से विख्यात नगरी जावी के जावी - सरवानिया महाराज मार्ग पर स्थित दीन दुखियों के शरण स्थल ऐतिहासिक श्री गुर्जरखेड़ा धाम पर शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर वाड़ी (पाती) विसर्जन एवं छमाही भविष्यवाणी 23 अक्टूबर, सोमवार को दोपहर 01.30 बजे होगी। उक्त संदर्भ में जानकारी देते हुए श्री गुर्जरखेड़ा धाम मन्दिर प्रबंध समिति एवं सेवादार समिति ने बताया कि प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी मां नवदुर्गा के आराधना पर्व शारदीय नवरात्रि की नवमी को प्रातः से ही मंदिर पर पूजन हवन का दौर प्रारंभ होगा प्रातः 12.15 बजे मन्दिर पर नवदुर्गा की स्वरूप 9 कन्याओं का पूजन होगा और महाआरती होगी। महाआरती के पश्चात श्री गुर्जरखेड़ा सरकार पधारेंगे और अन्य देवताओं के आह्वान के बाद मंदिर की एक फेरी करेंगे और जलकुंभ में वाड़ी (पाती) विसर्जन के बाद जलकुंभ के समीप व्यापार, व्यवसाय, उपज के भाव, मौसम, बारिश, बीमारियां एवं अन्य उतार चढ़ाव के बारे में सटीक छमाही भविष्यवाणी करेंगे। उक्त जानकारी श्री गुर्जरखेड़ा धाम मंदिर प्रबंध समिति प्रवक्ता दिलीप पाटीदार जावी ने दी।