खरगोन। जिलेभर में 27 फरवरी को आए तुफान, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग जोर पकडऩे लगी है। शासन स्तर पर एक ओर जहां अमला खेतों में सर्वे के लिए पहुंच रहा है तो दूसरी ओर किसान कलेक्ट्रेट का रुख कर रहे है।
गुरुवार को भगवानपुरा ब्लॉक के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के किसान हाथों में खराब फसलें लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। गौरीधाम से प्रभावी रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने परिसर में प्रवेश नही मिलने से नाराज होकर कलेक्ट्रेट के सामने से गुजर रहे इंदौर रोड़ पर धरना प्रदर्शन भी किया। धरना प्रदर्शन से चक्काजाम की स्थिति निर्मित हो गई। दोनो ओर वाहनों की कतारें लग गई। कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान ने बताया कि हमारे गांवों में हजारों एकड़ रकबे में लगी मक्का, गेहूं, चना फसल को नुकसान पहुंचा है। आज तक गांव में कोई अधिकारी, जनप्रतिनिधि नही पहुंचा है। हमारी मांग है कि प्रदेश सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा कर 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी करें साथ ही खराब फसलों का पर्याप्त मुआवजा दें, अन्यथा आगामी दिनों में आंदोलन उग्र हो सकता है।