नीमच। शनिवार को शहर में हुई हल्की बेमौसम बारिश से नीमच कृषि उपज मंडी में अफरातफरी का माहौल बन गया। आज सुबह से ही शहर में बारिश होने की संभावना लग रही थी। कभी तेज तो कभी हल्की बूंदाबंदी भी हो रही हैं। वहीं कृषि उपज मंडी में लहसुन की बंपर आवक हो है। इसके अलावा सोयाबीन, सरसो, धनिया जैसी कई उपज भी बड़ी मात्रा में रोजाना किसान मध्यप्रदेश और पड़ोसी राज्य राजस्थान से लेकर पहुंच रहे हैं।
ऐसे में आज अचानक हुई बेमौसम बारिश से कुछ किसान उपज भीग गई। जिससे किसानों में आक्रोश देखने को मिला। जिन किसानों के पास बारिश से बचाव के इंतजाम थे उनकी उपज को तो नुकसान नहीं पहुंचा, मगर जिन किसानों के पास इंतजाम नहीं थे उनकी उपज भीग गई। किसानों के कहना था कि मंडी प्रशासन द्वारा शेड में रखी उपज की नीलामी पहली की गई जबकि बाहर रखी उपज की नीलामी पहले करना चाहिए थी। ऐसे में उनकी उपज भीग गई जिसे कुछ व्यापारी उपज लेने से निकर कर रहे हैं, तो कुछ को नीलामी दाम भी कम मिले।
किसानों की मांग है कि सभी उपज की नीलामी शेड में की जाए, यदि अधिक उपज है और बारिश का मौसम है तो पहले खुले में रखी उपज की नीलामी की जाए। किसान अशोक राठौड़ का कहना है कि हम रात में लहसुन लेकर आए है धामनियां से, व्यापारियों ने लहसुन गिला होने की वजह से खुले रखने को कहा था। बाहर रखने पर लहसुन भीग गई। आज महज 200 रुपए में मिलने वाले त्रिपाल 400-400 रुपए में खरीदने पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के लिए मंडी प्रशासन जिम्मेदार हैं।
वहीं एक अन्य किसान रमेश राजपुरोहित का कहना है कि मंडी प्रशासन की लापरवाही है। पहले बाहर पड़ी उपज की नीलामी करना चाहिए थी। कुछ व्यपारियों का कहना है कि यदि उपज भीग जाती तो उसे नही खरीदेंगे।
इस पर कृषि उपज मंडी सचिव उमेश बसेडिया शर्मा का कहना है कि पहले जिनकी उपज मंडी में आयी थी, उसकी नीलामी की गई है, क्रम से नीलामी हुई है। सभी उपज की खरीदी की जाएगी। किसी भी किसान की उपज को नीलामी में नही छोड़ा जाएगा।