नीमच। सीएम राइज विद्यालय नीमच केंट में कक्षा 12वीं की छात्राओं का विदाई समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। उक्त गरिमामय समारोह सुजानमल मांगरिया सहायक संचालक एवं प्रलय उपाध्याय अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक नीमच के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ।
सहायक संचालक मांगरिया ने विद्यार्थियों को अपने प्रेरणादायी मार्गदर्शन में कहा कि 12वीं के बाद आपका टर्निंग प्वाइंट शुरू होता है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज में आपको टोकने वाला कोई नही होगा। आपको ही अपने अच्छे बुरे का निर्णय लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक प्रलय उपाध्याय ने विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन हेतु कॉलेज के चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाते हुए कहा कि अच्छी ग्रेडिंग वाले शासकीय कॉलेज का ही चयन करें।
स्वागत भाषण एवं प्रेरक उद्बोधन विद्यालय के प्राचार्य किशोरसिंह जैन ने देते हुए अपने आशीर्वचन में छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर जीवन में उच्च अध्ययन हेतु आगे बढ़ने का आव्हान किया। जैन ने कहा कि जीवन में कभी भी सीएम राइज स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन की जरूरत हो तो इस विद्यालय के दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले रहेंगे। आपने छात्राओं को सुंदर जीवन के लिए स्वअनुशासन, स्व प्रेरणा और स्वंय में विश्वास रख कर कठिन परिश्रम करने का आव्हान किया। संगीत शिक्षक शालीन सातपुते के मार्गदर्शन में छात्राओं ने सरस्वती वंदना और सुंदर स्वागत गीत की प्रस्तुति दी।
प्राथमिक प्रधानाध्यापिका मंजुला धीर ने कहा कि अनुशासन, समय की पाबंदी और कडी मेहनत आपको जीवन में शीर्ष पर पहुंचा सकते है अत: यह मंत्र हमेशा ध्यान रखें। इस अवसर पर कक्षा 9 व 11वीं की छात्राओं ने अपनी बडी दीदीयों को विदाई देते हुए सुंदर गीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
विद्यालय के प्रति समर्पित से नि व्याख्याता सविता चौधरी ने जीवन परीक्षा को सफल बनाने हेतु महत्वपूर्ण तकनीकी के रूप में सेल्फ मोटिवेशन, इमोशनल इंटेलीजेंसी एवं सेल्फ रेगुलेशन को जीवन में महत्वपूर्ण बताया एवं कहा कि वर्तमान तकनीकी युग, रोबोटिक युग, कंप्यूटरीकृत, एआई के जमाने में मानवीय गुणों को समाज में स्थापित करने की महती जिम्मेदारी बेटियों की है, जिनके दम पर 2047 का स्वर्णिम भारत की कल्पना को हम साकार कर सकेंगे।शिक्षकगण सुनीता पाटीदार एवं विनीता अग्रवाल, इशरत वारसी, राकेश छीपा ने भी छत्राओं को जीवनोपयोगी, सारगर्भित प्रेरक वचन कहे। इस अवसर पर छात्राओं की प्रस्तुतियों से वातावरण गुलजार हुआ।
संगीता जगदीश चंद्र कुमारी जयनी एवं साथियों ने संगीत शिक्षक शालीन सातपुते के साथ पियानो की सुरीली स्वर लहरियों एवं ढोलक व कांगो पर बालक कलाकारों के सधे हुए हाथों की थाप पर सुंदर गीत प्रस्तुत किये। वहीं छात्राओं ने चुनिंदे नृत्य की झलकियों से वातावरण को खुशनुमा बनाया।
कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती के चित्र समक्ष दीप प्रज्जवलन कर सुरीली वंदना द्वारा हुआ। पधारे हुए अतिथियों का आभार कौशल्या उपाध्याय ने किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन दो चरणों में पूर्ण हुआ प्रथम चरण में छात्रा कु जागृति एवं कु आयशा द्वारा एवं द्वितीय चरण में शिक्षिका सोनम शर्मा एवं ज्योतिबाला राठौर ने कार्यक्रम के संचालन को पूर्णता प्रदान की।