रतलाम। आलोट क्षेत्र में अफीम की फसल पर चीरा लगाने का काम जारी है। अफीम के पट्टे धारी किसान के खेतों पर यह सिलसिला करीब 20 दिन तक चलेगा। लुनाई चिरई का काम इसी माह में पूरा हो जाएगा।
120 दिन में तैयार हुई फसल
किसानों ने बताया कि अफीम की फसल को तैयार होने में करीब 120 दिन का समय लगा है। इसके लिए दिन-रात खेतों पर कड़ी मेहनत की है। किसानों ने तार फेंसिंग कर पूरी तरीके से खेत को कवर किया, ताकि कोई आवारा जानवर खेत में ना घुस पाए।
पक्षी अफीम को चोंच मार कर खराब ना कर दे, इसके लिए 10 आरी के खेत को किसानों ने जाली से कवर किया है। साथ ही तेज हवा से फसल को बचाने के लिए अफीम के पौधों के सपोर्ट में वायर लगाए ताकि पौधा जमीन पर नहीं गिरे।
किसानों ने बताया कि मौसम में हुए परिवर्तन से अफीम सहित अन्य फसलों में नुकसान हुआ है, जो अब सामने आ रहा है। लगातार गिरे कोहरे के कारण फसलों के जड़ें खराब होने लगी, जिससे अफीम के पौधे सूख गए है, उनमें दूध भी नहीं आया है।