नीमच। जिला मुख्यालय नीमच तथा तहसील मुख्यालय मनासा एवं जावद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुरूप शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में 17 खंडपीठ के माध्यम से न्यायालय में लंबित 279 एवं 366 प्रीलिटिगेशन प्रकरण निराकृत हुए। साथ ही मोटरयान दुर्घटना मामलों में 06 प्रकरण सफल हुए जिसमें 65 लाख 29 हजार रूपये का एवार्ड दिलाया गया। विद्युत के राजीनामा योग्य 34 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें 07 लाख 36 हजार करीब का अवार्ड पारित हुआ। चैक अनादरण मामलों में करीब 03 करोड़ 21 लाख रूपये 15 हजार की चैक राशि निराकृत की गई।
जिला न्यायालय परिसर में स्थित एडीआर सेंटर में सादगी पूर्ण समारोह में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधान जिला न्यायाधीश सुशांत हुद्दार ने नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को प्रधान जिला न्यायाधीश सुशांत हुद्दार ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश अजय कुमार टेलर, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय डॉ कुलदीप जैन, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विजय कुमार सोनकर, प्रथम जिला न्यायाधीश सोनल चोरसिया, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संध्या मरावी, पुष्पा तिलगाम न्यायिक मजिस्ट्रेट, रेखा मरकाम न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित न्यायाधीशगण एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम के उपरांत गठित खंडपीठों में लोक अदालत की कार्यवाही, खंडपीठो के पीठासीन अधिकारीगण द्वारा प्रारंभ की गई, जोकि सायं तक चलती रही।
नेशनल लोक अदालत में कुल 17 खण्डपीठों में न्यायालय में लंबित 4806 प्रकरणों को रैफर्ड किया गया था, जिनमें से 279 प्रकरण लोक अदालत के माध्यम से निराकृत होकर 636 व्यक्ति लाभान्वित हुये। उक्त लंबित प्रकरणों मे से मोटरयान दुर्घटना के 06 प्रकरण निराकृत हुये, जिनमें 65 लाख 29 हजार रूपये का अवार्ड पारित हुआ। न्यायालय में लंबित प्रकरणों में सबसे अधिक राजीनामा योग्य 102 आपराधिक प्रकरण उक्त लोक अदालत के माध्यम से निराकृत हुए, जिनमें कुल राशि 08 लाख रूपये का निराकरण हुआ। इसके अतिरिक्त 86 चैक अनादरण के प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 03 करोड़ 21 लाख रूपये 15 हजार का निराकरण हुआ, 11 अन्य सिविल प्रकरण, तथा 29 पारिवारिक विवादो से संबंधित मामले, सहित कुल 279 न्यायालय में लंबित प्रकरण निराकृत हुए।नेशनल लोक अदालत में कुल 4611 प्रीलिटिगेशन प्रकरण रेफर्ड किये गये थे, जिनमें से 366 प्रकरण उक्त लोक अदालत के माध्यम से निराकृत हुये तथा करीब 34 लाख 50 हजार रूपये की वसुली होकर, 374 व्यक्ति लाभान्वित हुए।
कुटुम्ब न्यायालय में प्रकरणों का हुआ निपटारा-
नीमच में आयोजित लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय नीमच के एक प्रकरण में धारा 9 एवं धारा 125 दंप्रसं के अलग अलग आवेदन लगे थे जिनमें दोनों पति-पत्नी के बीच सुलह हो गई एवं पति ने पत्नी को वापस ले जाने का निवेदन न्यायालय से किया एवं न्यायालय द्वारा प्रकरण इसी स्टेज पर प्रकरण का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किया एवं उक्त प्रकरण से जुड़े अन्य न्यायालय में लंबित प्रकरणों का निपटरा लोक अदालत के माध्यम से करवाया जाकर पति-पत्नि एवं बच्चा खुशी खुशी अपने घर को रवाना हुये।