नीमच। ‘‘उल्लास‘‘ नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 17 मार्च रविवार को 17000 असाक्षर परीक्षा में सम्मिलित होगें। जिले में महिला 13972 पुरूष,3028 कुल 17000 असाक्षर मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक परीक्षा देकर नवसाक्षर होगें। राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल एवं कलेक्टंर दिनेश कुमार जैन, डीपीसी एवं डीप्टी कलेक्टर किरनसिंह आंजना के निर्देशन में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत मूलभूत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा का आयोजन नीमच में 17 मार्च रविवार को किया जा रहा है। मूल्यांकन साक्षरता परीक्षा प्रातः10 से सांय 5 बजे तक चलेगी, जिसमें नवसाक्षर के द्वारा परीक्षा केन्द्र पर कभी भी अपने समय के अनुसार तीन घंटे के लिए संबधित नवसाक्षर केन्द्र पर जाकर परीक्षा दे सकते है।
डीपीसी एवं डीप्टी कलेक्टर किरनसिंह आंजना ने निर्देशित किया है,कि ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार कर, डोंडी पिटवाकर, पेम्पलेट प्रिंट करवाकर एवं महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनवाडी कार्यकताओ, सहायिका, आशा कार्यकर्ता एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत पंचायत सचिव, सहायक रोजगार सचिव का पूर्ण सहयोग लेकर शतप्रतिशत लक्ष्य अनुरूप नव भारत साक्षरता परीक्षा का कार्य पूर्ण करें। मूल्यांकन साक्षरता परीक्षा हेतु निर्धारित लक्ष्य अनुसार जिले की सभी शालाओं में संचालित 815 सामाजिक चेतना केन्द्रों की सुचारू रूप से मॉनिटरिंग कार्य करें।जिले के सभी बीआरसीसी विकासखंड सह समन्वयक नवभारत साक्षरता, बीएसी, संकुल सह समन्वयकों नवभारत साक्षरता को निर्देशित किया है,कि नियमानुसार यह परीक्षा आयोजित कराना है। मूल्यांकन परीक्षा की पूर्णतः गोपनीयता रखना है।
जिला सह समन्वयक नवभारत साक्षरता रामेश्वरलाल नायक ने बताया कि जिले में 15 वर्ष की आयु के ऊपर सभी महिला, पुरूष नवसाक्षरों के द्वारा जिले के समस्त तीनो विकासखंड जावद, नीमच, मनासा में राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा निर्धारित लक्ष्य 16935 के विरूद्ध नीमच जिले में 17000 से भी अधिक नवसाक्षरों द्वारा 17 मार्च रविवार को विकासखंडो द्वारा बनाये गये निर्धारित कुल 815 सामाजिक चेतना परीक्षा केन्द्रो पर जाकर परीक्षा दी जाएगी। इस परीक्षा में सभी असाक्षर शामिल हो सकते है, जिनके पास किसी भी प्रकार की परीक्षा उत्तीर्ण करने का वैध प्रमाण पत्र नही हो। इसके अलावा पूर्व के नवसाक्षर जिन्होनें साक्षरता अभियान के तहत प्रवेशिका तो पूर्ण कर ली हो, लेकिन प्रमाणीकरण नही किया जा सका हो। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वे में उन्हें चिन्हित किया गया हो।