देवास। नगर निगम महापौर जनसुनवाई के दौरान महिला कर्मचारी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। बुधवार को नगर निगम में ठेकेदारी प्रथा में कार्यरत करीब 45 महिला कर्मचारी अपने वेतन देने की मांग को लेकर महापौर जनसुनवाई में पहुंची थी पीड़ित यूवितियों का कहना है कि उन्हें ठेकेदार द्वारा पिछले पांच माह से वेतन नहीं दिया गया है। वेतन के लिए हम कई जगह गुहार लगा चुके है। महापौर जनसुनवाई में आवेदन देने पहुंची पीड़ित युवतियों ने बताया कि हम आईईसी वर्कर निगम सहयोगी संस्था के रूप में कार्यरत है, हमारे द्वारा नवंबर माह सर्वेक्षण 2023 तक पूरी जिम्मेदारी से कार्य का निर्वाहन किया है किंतु इसके बावजूद, हम सभी असहाय आई.ई.सी वर्कर्स के साथ अन्याय, शोषण किया जा रहा है। हमारे द्वारा जुलाई माह से नवंबर माह तक किया गया कार्य का 05 माह का वेतन दिवाली से पूर्व किया जाना था। संस्था द्वारा स्पष्ट बोल दिया गया है जब तक निगम से बिल का भुगतान नहीं किया जायेगा तब तक बिल का भुगतान किया जाना संभव नहीं है, और जब आयुक्त महोदय से वेतन के संबध मैं बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। इस बीच वेतन के लिए सभी वरिष्ठ निगम अधिकारियों से लगातार निवेदन किया गया किंतु माह से अधिक समय हो जाने के बाद किसी अधिकारी को हम गरीबों की दयनीय स्थिति नजर नही आ रही है। हम सभी कर्मचारी कर्जे मैं पूरी तरह से डूब चुके है, जिनसे कर्जा लेकर घर चलाया वो सभी पैसे वापसी का दबाब बना रहे है, ऐसी स्थिति में हम सभी के पास (आत्म हत्या) करने के सिवाय कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है जिसके जिम्मेदार संयुक्त रूप से कंपनी और नगर निगम है।वही पूरे मामले में महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल द्वारा बताया गया कि जनसुनवाई में मामला सामने आया है हम ठेकेदार से बात कर निराकरण करेंगे।