रतलाम। शासन की महत्वाकांक्षी पार्वती-कालीसिंध-लिंक परियोजना से जिले के आलोट क्षेत्र के 11 गांव तथा कुल 13 गांव लाभान्वित होने जा रहे हैं। उन गांव में जल संसाधन विभाग तथा जन अभियान परिषद के तत्वावधान में कलश यात्राएं तथा जल के महत्व पर केंद्रित विभिन्न आयोजन तथा प्रतियोगिताएं 11 मार्च से लेकर 13 मार्च तक संपन्न हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने उत्साह के साथ कलश यात्राओं तथा अन्य आयोजनों में हिस्सा लिया।इस दौरान ग्राम कंथारिया, कम्माखेड़ी, रिछा, कसारी, डेलवास, हरोड, लूणी, शेरपुर बुजुर्ग, सनखेडी, कोलूखेड़ी, डाबड़िया में कलश यात्रा तथा जागरूकता के गीत व भजन कीर्तन किए गए। जल संरक्षण जागरूकता अभियान के द्वितीय दिवस व्यापक रूप से भजन कीर्तन और गीतों का आयोजन हुआ।
ग्राम पंचायत कोलूखेड़ी में हनुमान मंदिर पर गीत भजन कीर्तन किए गए।जल संरक्षण जागरूकता अभियान के अंतर्गत तृतीय दिवस चित्रकला तथा खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। ग्राम पंचायत लूणी में शिशु मंदिर परिसर में जनजागरूकता अभियान के तहत खेलकूद, भाषण, चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई। सभी ग्रामों में जल संसाधन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, जन अभियान परिषद की नवांकुर समितियों के अध्यक्ष, प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष, सचिव तथा सदस्य आदि उपस्थित रहे। इस दौरान जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक मुकेश कटारिया द्वारा जल की महत्ता और संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए गए। छात्र-छात्राओं ने जल के विषय पर आयोजित निबंध तथा चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया, जल बचाने का संकल्प लिया। ग्राम कम्माखेडी तथा पिपलिया तूखार के आंगनवाड़ी तथा स्कूल में जन जागरूकता अभियान के तहत खेलकूद, भाषण, चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई।
आयोजनों के दौरान उपयंत्री वैभव हंसराज, विनीत मचार, जन अभियान परिषद के मुकेश कुमार कटारिया, नवांकुर संस्था अध्यक्ष अमरसिंह झाला, किशोरसिंह डोडिया, लालसिंह, महेंद्र सिंह सिसोदिया, हेमेंद्र निगम, ऋषिकांत पंवार, अमित रामावत, शेरसिंह राठौड़, अर्जुनसिंह डोडिया, दिलीप सिंह राठौड़, हीरालाल सूर्यवंशी, बालू सिंह चौहान, कालुराम चौधरी, श्याम कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।